एचआरटीसी चालकों-परिचालकों ने किया प्रदर्शन
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एचआरटीसी लोकल यूनिट और प्राइवेट बस ऑपरेटरों के बीच चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को अचानक एचआरटीसी प्रबंधन ने क्षेत्रीय प्रबंधक शिमला लोकल देवासेन नेगी का शिमला से नेरवा तबादला कर दिया। चालकों-परिचालकों ने इसे निजी बस ऑपरेटरों के दबाव में लिया फैसला बताकर दोपहर बाद तीन बजे बसें खड़ी कर निगम मुख्यालय के बाहर धरना दे दिया। धरना देर शाम तक जारी रहा। बसें न चलने से लोगों को भारी परेशानी हुई।
उधर, हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने आरएम का तबादला रद्द न करने पर पूरे प्रदेश में बसों का संचालन बंद करने का एलान कर दिया है। प्रदर्शन के चलते शिमला से ग्रामीण रूटों चलने वाली 55 रात्रि बसें भी शुक्रवार को नहीं गईं। इस कारण शनिवार सुबह शिमला की ओर बसें न मिलने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले चालकों-परिचालकों ने ओल्ड बस स्टैंड में नारेबाजी की। शाम पांच बजे के बाद ईडी एचआरटीसी के साथ यूनियन प्रतिनिधियों की दो चरण की वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
संयुक्त समन्वय समिति लोकल यूनिट के सचिव देवीचंद शर्मा और ड्राइवर यूनियन के चेयरमैन मान सिंह ने बताया कि जब तक आरएम नेगी का तबादला रद्द नहीं होता बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। लोकल यूनिट के करीब दो सौ चालक-परिचालक देर शाम तक ओल्ड बस स्टैंड में धरने पर बैठे रहे। तीन दिन पहले प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन ने आरएम देवासेन नेगी का शिमला से तबादला करने की मांग उठाई थी। ऐसा न करने की सूरत में बसों की चाबियां आरटीओ ऑफिस में जमा करने की धमकी दी थी।
रूटीन तबादला को एक ही आरएम को क्यों बदला : समिति
हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश शर्मा, प्रवक्ता हरीलाल, कोषाध्यक्ष यशपाल, राजेंद्र ठाकुर, देसराज, खेमेंद्र गुप्ता, गोपाल लाल, देवराज ठाकुर सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि आरएम का तबादला रूटीन प्रक्रिया है तो प्राइवेट ऑपरेटरों की धमकी के बाद सिर्फ एक ही आरएम का तबादला क्यों किया गया? एचआरटीसी प्रबंधन ने निजी ऑपरेटरों के आगे घुटने टेक दिए हैं।