इस बीच, प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। भाजपा ने सत्ता में आते ही कंडक्टर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए इसकी जांच कराने का फैसला लिया। सूत्रों की मानें तो परिवहन निगम के स्तर पर हुई जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। छानबीन के बाद अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को क्लीन चिट दे दी है।
कंडक्टरों के तेरह सौ पदों पर भर्ती के लिए करीब 40,000 युवाओं ने लिखित परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में 3800 अभ्यर्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। इसके बाद उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को दस्तावेजों की जांच के लिए बुलाया गया।
पंद्रह दिन तक चली इस प्रक्रिया के बाद फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया। इसी बीच, हिमाचल में आचार संहिता लग गई। हालांकि, परिवहन निगम ने चुनाव आयोग से इसका परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन आयोग ने इससे इनकार कर दिया।