कंडक्टरों को न्यूनतम दिहाड़ी नहीं देने पर प्रदेश श्रम विभाग ने एचआरटीसी को नोटिस जारी किया है। श्रम विभाग ने राज्य पथ परिवहन निगम से श्रम नियमों को तोड़ने की शिकायत मिलने पर जवाब तलब किया है। निगम कौशल विकास ट्रेनिंग के नाम पर युवाओं से कंडक्टरी करवा रहा है।
इसकी की शिकायत राज्य श्रम विभाग को हुई है। उल्लेखनीय है कि एचआरटीसी बसों में इस तरह से लगभग 1200 युवाओं से कौशल विकास प्रशिक्षण के नाम पर कंडक्टरी करवाई जा रही है। एचआरटीसी में बड़ी संख्या में युवाओं की कौशल विकास ट्रेनिंग के नाम पर भर्ती की गई है।
ये ट्रेनिंग राज्य रोजगार विभाग की ओर से चलाई जा रही कौशल विकास भत्ता योजना से भिन्न है। इन्हें पंद्रह रुपये प्रति घंटे के हिसाब से कौशल विकास भत्ता दिया जा रहा है। एक दिन का अधिकतम 120 रुपये दिया जा रहा है। हिमाचल परिवहन मजदूर संघ ने इसकी शिकायत श्रमायुक्त को की है।
इसी पर श्रम विभाग के निदेशक और आयुक्त ने एचआरटीसी प्रबंधन से जवाबतलब किया है। श्रम विभाग को एचआरटीसी के इस तर्क पर आपत्ति है कि युवाओं को कंडक्टरी सिखाने के नाम पर उनसे पूरा काम लिया जा रहा है। वे बसों में अकेले सेवाएं दे रहे हैं और उनके साथ कोई प्रशिक्षण नहीं होता है।
प्रशिक्षण के नाम पर बसों में कंडक्टरों की रिक्तियों पर ही काम लिया जा रहा है। ऐसा करना कानूनसम्मत नहीं है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि श्रम विभाग को जवाब दे दिया जाएगा। हम युवाओं को कंडक्टरी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्हें दिहाड़ी नहीं, बल्कि भत्ता दे रहे हैं। युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।