एचआरटीसी ने न्यूनतम किराया तीन रुपये निर्धारित किया है लेकिन एचआरटीसी ही पांच रुपये न्यूनतम किराया वसूल कर रही है। अधिकतर लांग रूट की बसों में ऐसे केस सामने आ रहे हैं। इससे यात्रियों की जेब ढीली हो रही है।
यह सब टिकटिंग मशीन से हो रहा है। कई मशीनों में स्टेशन ही दर्ज नहीं किए गए हैं। ऐसे से फिर मुसाफिरों को ज्यादा किराये का भुगतान करना पड़ रहा है।
एचआरटीसी प्रबंधन ने कंडक्टरों को इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनें तो थमा दी हैं लेकिन उनमें किराया ठीक से फीड नहीं किया है। किराये को लेकर यात्रियों और कंडक्टरों के बीच विवाद भी हो रहा है। एचआरटीसी के अलग-अलग डिपो की बसों में यात्रियों से अलग-अलग किराया वसूल किया जा रहा है।
टिकटिंग मशीनों में दर्ज किराये के कारण कुछ बसों में न्यूनतम किराया भी पांच रुपये वसूला जा रहा है। कुछ टिकटिंग मशीनों में पूरे स्टापेज ही नहीं दर्शाए गए हैं। इस कारण भी यात्रियों को चूना लग रहा है।