इसमें क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के अलावा ऊपर के अधिकारी संलिप्त थे। हिमाचल विधानसभा में भी यह मामला उठा था। उस दौरान भी परिवहन मंत्री ने इस मामले में नए सिरे से जांच के आदेश दिए थे। मंत्री ने आश्वस्त किया था कि संवेदनशील पदों पर बैठे अफसरों को हटाया जाएगा।
लेकिन अभी तक ये अफसर उसी कुर्सी पर तैनात हैं। इधर, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि सरकार नए सिरे से जांच करवा रही है। प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में इस घोटाले की जांच होगी। वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह का कहना है कि इस मामले में अधिकारियों से बात की जाएगी।