ग्राम पंचायत बमटा के रुपाड़ी गांव में आग ने दो परिवारों की जीवन भर की कमाई मिट्टी में मिला दी। आंखों के सामने कुछ ही समय में आठ कमरे और सारा सामान जल गया। अपने आशियाने को आग में जलता देख प्रभावितों की आंखें नम हो गई। गनीमत रही कि आग लगने का पता समय पर लग सका। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
मंगत राम व रमेश का कहना है कि मकान के कमरे में धुआं फैला था। धुएं से घुटन होने लगी तो बाहर देखने पर पता चला कि घर में आग लग चुकी है। उन्होंने परिवार के सदस्यों को जगाया और बाहर निकाला। आनन फानन में गोशाला में बांधे मवेशियों को बाहर निकाला। जब तक पशुओं को बचाया तब तक पूरा घर आग की चपेट में आ गया था।
स्थानीय ग्रामीणों ने पानी की पाइपों से आग बुझाने की कोशिश की, जो सफल नहीं हुई। प्रभावितों को अब दूसरे लोगों के घरों में आश्रय लेना पड़ रहा है। दोनों परिवार के लोग अपने जूते तक नहीं बचा सके।
आग लगने का पता चलने पर सभी लोग नंगे पांव मवेशियों को बचाने के लिए बाहर दौड़ पड़े। प्रभावितों को समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन की ओर से दी गई दस हजार की राहत राशि से क्या खरीदें और क्या नहीं। गांव के लोगों ने प्रभावित परिवारों को राशन, तिरपाल, कपडे़, बर्तन, बिस्तर व अन्य राहत सामग्री प्रदान करने की मांग की है।