नई मशीनों में जीपीएस होने से किसी तरह की छेड़खानी या टांका नहीं लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि नई मशीनों को लाने में अभी थोड़ा समय लगेगा। पूरे प्रदेश में टिकट काटने वाली मशीनों को बदला जाएगा।
मुख्य महाप्रबंधक एचआरटीसी शिमला एचके गुप्ता का कहना है कि परिचालकों को नई मशीनें दी जाएंगी। इसमें परिचालक टिकट काटने के साथ किसी भी कार्ड के जरिये किराया ऑनलाइन ले सकेेगा।
नई मशीन की कीमत करीब 12 से 15 हजार रुपये के बीच है। यह मशीन जीपीएस सिस्टम से जुड़ी होगी। इससे मशीन में होने वाली छेड़छाड़ या कितने रुपये की टिकट कटी हर गतिविधि पर अधिकारियों की नजर रहेगी।