फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: एचपीयू के समाजशास्त्र विभाग में एक ही नियमित प्राध्यापक

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन स्वीकृत पद वर्षों से पड़े हैं खाली
विज्ञापन

80 विद्यार्थियों की पढ़ाई अस्थायी शिक्षकों के सहारे

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के समाजशास्त्र विभाग में शैक्षणिक व्यवस्था संकट में है। विभाग में इस समय केवल एक ही नियमित प्राध्यापक कार्यरत है, जबकि 80 छात्र स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययन कर रहे हैं।

स्थिति और गंभीर इसलिए है क्योंकि विभाग में स्वीकृत तीन प्राध्यापक पद कई वर्षों से खाली पड़े हैं जिन्हें भरने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। विभाग की अधिकांश कक्षाएं जूनियर रिसर्च फेलो के सहारे चल रही हैं। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता और अकादमिक स्तर पर सीधा असर पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के पुराने विभागों में शामिल समाजशास्त्र विभाग की स्थापना वर्षों पहले हुई थी और लंबे समय तक यह विभाग शोध और शिक्षण के लिए जाना जाता रहा है लेकिन अब लगातार उपेक्षा के कारण इसकी स्थिति कमजोर हो गई हैं। सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुए पदों को नहीं भरा गया जिससे एकमात्र स्थायी प्राध्यापक पर पूरा शैक्षणिक और प्रशासनिक भार आ गया है। छात्रों का कहना है कि पाठ्यक्रम का बड़ा हिस्सा अस्थायी शिक्षक पढ़ा रह हैं जिनके पास सीमित अनुभव है और वह शोध मार्गदर्शन देने में सक्षम नहीं हैं। एमए अंतिम वर्ष के छात्रों को शोध प्रबंध तैयार करने में सबसे अधिक दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन


नियमित कक्षाओं की निरंतरता भी प्रभावित हो रही है। विभाग में सेमिनार, वर्कशॉप और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां लगभग बंद हैं। लाइब्रेरी में नई किताबों का अभाव है जिससे छात्रों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं मिल रही। फीस और अन्य खर्च बढ़ने के बावजूद सुविधाओं का स्तर लगातार गिर रहा है। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द ही खाली पद नहीं भरे गए तो उनकी डिग्री और भविष्य दोनों प्रभावित होंगे। विभाग की गिरती साख भी विश्वविद्यालय के लिए चिंता का विषय बन गई है।
विज्ञापन




कुलपति से मुलाकात कर उठाई मांगें
समाजशास्त्र विभाग की स्थिति के खिलाफ मंगलवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में रैली निकाली। विभाग से प्रशासनिक भवन तक पहुंचे छात्रों ने नियमित नियुक्तियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। बाद में छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति महावीर सिंह से मिला और तीनों खाली पदों को जल्द भरने की मांग रखी। छात्रों ने बताया कि एक ही स्थायी प्राध्यापक के भरोसे पढ़ाई चल रही है और शोध कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने विभाग में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति के साथ शैक्षणिक गतिविधियां बहाल करने की मांग भी उठाई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रशासन ने मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट किया है कि ठोस कार्रवाई तक उनका विरोध जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ. आरएल जिंटा ने बताया कि छात्रों ने छात्रों से मुलाकात की है। जल्द छात्रों के लिए गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें