हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ग्रामीण और शहरी परिवारों पर सोशल मीडिया के प्रभावों का करेगा तुलनात्मक शोध
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भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद ने दी मंजूरी संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग से परिवारों में संवाद, रिश्तों की प्रकृति और सांस्कृतिक परंपराओं में हो रहे बदलावों का अध्ययन अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में किया जाएगा। इस विषय पर एक विस्तृत शोध परियोजना शुरू की जा रही है जिसमें राज्य के ग्रामीण और शहरी परिवारों में डिजिटल माध्यमों के सामाजिक प्रभाव का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाएगा। यह अध्ययन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय करेगा।
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की ओर से स्वीकृत शोध परियोजना के तहत यह अध्ययन किया जाएगा। परियोजना का विषय सोशल मीडिया का पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक प्रथाओं पर प्रभाव : हिमाचल के ग्रामीण और शहरी परिवारों का तुलनात्मक अध्ययन रखा है। शोध के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया मंचों के व्यापक उपयोग ने पारिवारिक संबंधों, संवाद के तरीकों और पारंपरिक सामाजिक व्यवहार पर किस प्रकार प्रभाव डाला है।
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अध्ययन के दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में परिवारों से सर्वेक्षण, साक्षात्कार और क्षेत्रीय अध्ययन के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। शोधकर्ताओं का ध्यान विशेष रूप से इस बात पर रहेगा कि डिजिटल माध्यमों के कारण पारिवारिक संरचना, पीढ़ियों के बीच संवाद, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं में किस तरह के परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच इन परिवर्तनों की तुलना भी इस अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के जनसंख्या अध्ययन विभाग में संचालित होगी और इसका नेतृत्व डॉ. सुनीता देवी करेंगी।अध्ययन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए एक शोध सहयोगी और दो फील्ड अन्वेषकों की नियुक्ति की जाएगी। शोध सहयोगी के लिए सामाजिक विज्ञान विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर तथा नेट, एमफिल या पीएचडी योग्यता अनिवार्य रखी है। फील्ड अन्वेषकों के लिए सामाजिक विज्ञान में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक होगी। चयनित अभ्यर्थियों को क्षेत्रीय सर्वेक्षण, डेटा संग्रह, विश्लेषण और शोध रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा जाएगा।
20 मार्च तक करने होंगे आवेदन
परियोजना की प्रारंभिक अवधि तीन महीने निर्धारित की गई है, जिसे कार्य की प्रगति और परियोजना की आवश्यकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। इच्छुक अभ्यर्थी 20 मार्च तक अपना आवेदन भेज सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार 30 मार्च को होंगे। यह ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से हो सकते हैं।