कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी जारी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त समिति ने सोमवार को शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर लंबित वित्तीय भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बजट भाषण में लंबित देनदारियों को जारी करने का आग्रह किया। प्रदर्शन में पेंशनरों के 18 संगठन शामिल हुए।
पेंशनर नेताओं ने कहा कि पेंशनरों की मुख्य मांग है कि एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेशनरों के साथ प्रदेश सरकार भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा सरकार ने इस अवधि में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी तक कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और 13 प्रतिशत डीए का भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा दो वर्षों से चिकित्सा बिलों का भी भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के पेंशनर्स को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, बिजली बोर्ड में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं की जा रही है। इस कारण कई पेंशनरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पेंशनर नेताओं ने कहा कि इस अवधि में सेवानिवृत्त कई पेंशनर सवर्ग सिधार गए लेकिन प्रदेश सरकार पेंशनरों की मांगों की अनदेखा कर रही है। पेंशनर नेताओं ने प्रदेश सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कि पूर्व जयराम सरकार ने पेंशनरों की अनदेखी की, इसी का नतीजा है कि आज वह सत्ता से बाहर हैं। वर्तमान सरकार ने भी यदि पेंशनरों की अनदेखी की तो उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
पेंशनर संयुक्त समिति के महासचिव भूप राम वर्मा ने कहा पेंशनर बेसब्री से 21 मार्च का इंतजार कर रहे हैं। पेंशनरों का उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपने चौथे बजट भाषण में पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर घोषणा करेंगे लेकिन यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो 30 मार्च को पेंशनर परिजनों के साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे। प्रदर्शन के बाद पेंशनरों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन में सैन राम नेगी, मोहन सिंह ठाकुर, देवी लाल ठाकुर, दुर्गा राम, बीएस चंदेल, लोकल अर्बन बॉडी पेंशनर्स संघ के सुख देव मटू, नीलम चौहान, ओपी चौहान, मस्त राम पंवर, गोपाल ज़िलटा, शेर सिंह कौशल, सीता राम चंदेल, देवेंदर केवला, दलीप जस्ता, बुद्धि राम जस्ता, हरदयाल सिंह, अमोलक राम, दीपन ठाकुर, भाग चंद चौहान, राजेंदर कुमार राजपूत, ओम प्रकाश वर्मा, दीप राम शर्मा, हरिचंद गुप्ता और मोहन दास इत्यादि उपस्थित रहे।