जब तक विवि प्रशासन इस फैसले को वापस लेकर पुरानी फीस की दरें तय नहीं करता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि विवि प्रशासन तरह तरह के शुल्क में बढ़ोतरी कर और नए से नए नियम लागू करने के प्रयास कर गेस्ट के रूप में रहने वाली छात्राओं को परेशान करने का कार्य कर रहा है।
संगठन ने चेताया कि यदि बढ़ाई फीस वापस न ली गई और गेस्ट छात्राओं को छात्रावास से बाहर करने के प्रयास किए गए तो, एसएफआई चीफ वार्डन के साथ कुलपति का भी घेराव होगा। आरोप है कि चीफ वार्डन फीस बढ़ाने के बाद अपने कार्यालय में बातचीत करने तक को उपलब्ध नहीं होते हैं।
विवि के चीफ वार्डन प्रो. नयन सिंह ने कहा कि वार्डन कमेटी में ही गेस्ट के रूप में रहने वाली छात्राओं की फीस को 80 से बढ़ाकर 125 रुपये किया गया है। उन्होंने माना कि छात्राएं इसे कम किए जाने की मांग का लेकर उनके पास आई थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले को नहीं बदला जाएगा।