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एचपीयू ने 45 रुपये बढ़ा दी गेस्ट एंट्री फीस, एसएफआई ने चीफ वार्डन को घेरा

Tue, 11 Sep 2018 07:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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विश्वविद्यालय ने गुपचुप तरीके से छात्रावासों में सीट न मिलने के कारण बतौर गेस्ट ठहरने की दी जा रही वैकल्पिक सुविधा की एवज में ली जाने वाली गेस्ट फीस में एकमुश्त 45 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।

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छात्राओं पर डाले गए इस आर्थिक बोझ के खिलाफ एसएफआई की विवि इकाई ने मंगलवार को चीफ वार्डन कार्यालय को घेरा। छात्राओं ने बढ़ाई गई फीस को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।

इकाई उपाध्यक्ष आदिति की अगुवाई में चीफ वार्डन कार्यालय पहुंची छात्राओें का आरोप है कि यह सीधे तौर पर मजबूर छात्राओं का आर्थिक शोषण है। मेरिट में आने के बावजूद विवि प्रशासन प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से पढ़ने आने वाली छात्राओं को छात्रावास की सुविधा सालों से मुहैया नहीं करवा पा रहा है।
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उस पर विकल्प के रूप में छात्राओं को जो गेस्ट के रूप में प्रति दिन महज 80 रुपये फीस अदा कर ठहरने की व्यवस्था की गई थी, उसकी फीस में भी एक साथ 45 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसे मंजूर नहीं किया जाएगा। 

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नहीं बदला जाएगा फैसला : प्रो. नयन

जब तक विवि प्रशासन इस फैसले को वापस लेकर पुरानी फीस की दरें तय नहीं करता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि विवि प्रशासन तरह तरह के शुल्क में बढ़ोतरी कर और नए से नए नियम लागू करने के प्रयास कर गेस्ट के रूप में रहने वाली छात्राओं को परेशान करने का कार्य कर रहा है।

संगठन ने चेताया कि यदि बढ़ाई फीस वापस न ली गई और गेस्ट छात्राओं को छात्रावास से बाहर करने के प्रयास किए गए तो, एसएफआई चीफ वार्डन के साथ कुलपति का भी घेराव होगा। आरोप है कि चीफ वार्डन फीस बढ़ाने के बाद अपने कार्यालय में बातचीत करने तक को उपलब्ध नहीं होते हैं। 

विवि के चीफ वार्डन प्रो. नयन सिंह ने कहा कि  वार्डन कमेटी में ही गेस्ट के रूप में रहने वाली छात्राओं की फीस को 80 से बढ़ाकर 125 रुपये किया गया है। उन्होंने माना कि छात्राएं इसे कम किए जाने की मांग का लेकर उनके पास आई थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले को नहीं बदला जाएगा। 
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