एचपीयू के विधि विभाग के बाहर यह खूनी झड़प हुई है। बताया जा रहा है कि विधि विभाग की कक्षा में नए छात्रों को संगठन से जोड़ने के लिए संबोधन के दौरान किसी बात पर दोनों गुटों में बहस हो गई। कक्षा के समाप्त होने के बाद करीब 12:00 बजे प्रांगण में देखते ही देखते दोनों गुटों के कार्यकर्ता लाठी-डंडे, रॉड और तेजधार हथियारों से लेस हो गए और मारपीट शुरू कर दी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में मंगलवार को एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खूनी झड़प हो गई। मारपीट के दौरान जमकर लात-घूंसे, लाठी-डंडे चलाए गए। तेजधार हथियार भी लहराए गए। इस घटना में दोनों छात्र संगठनों के नौ कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें से चार को गंभीर चोटें आई हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एचपीयू परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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एचपीयू के विधि विभाग के बाहर यह खूनी झड़प हुई है। बताया जा रहा है कि विधि विभाग की कक्षा में नए छात्रों को संगठन से जोड़ने के लिए संबोधन के दौरान किसी बात पर दोनों गुटों में बहस हो गई। कक्षा के समाप्त होने के बाद करीब 12:00 बजे प्रांगण में देखते ही देखते दोनों गुटों के कार्यकर्ता लाठी-डंडे, रॉड और तेजधार हथियारों से लेस हो गए और मारपीट शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया। हथियारों को कब्जे में लिया और घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार दिलाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
दोनों संगठनों ने निकाली रैली, पुलिस से की शिकायत
हिंसा के बाद एसएफआई और एबीवीपी ने रैली निकालकर और सभा कर इस घटना के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। दोनों ही संगठनों ने पुलिस से भी शिकायत की है। एबीवीपी की विवि इकाई के अध्यक्ष आकाश नेगी ने आरोप लगाया है कि एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हथियारों से हमला किया है। उनके दो कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन चोटिल हुए हैं। एसएफआई की विवि इकाई के सचिव विवेक राज ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कक्षा में बदतमीजी की। क्लास छूटने के बाद बाहर हथियारों के साथ पहले से ही तैयार थे। मौका मिलते ही उन्होंने हमला कर दिया। एसएफआई के चार कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं।
दोनों छात्र संगठनों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर क्रॉस एफआईआर थाना बालूगंज में दर्ज कर ली गई है। एचपीयू परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। - कमल वर्मा, डीएसपी हेडक्वार्टर