ड्रीम्स परियोजना के तहत शोध ढांचा विकसित करने में मिलेगी मजबूती, नवाचार को भी मिलेगा बढ़ावा
विज्ञापन
उन्नत शोध उपकरणों की भी खरीद की जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला को शोध के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। विश्वविद्यालय को पीएआईआर नेटवर्क के तहत 10.23 करोड़ रुपये बतौर शोध अनुदान मिले हैं।
यह राशि डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम फॉर एडवांस्ड मैटीरियल (ड्रीम्स) परियोजना के लिए प्रदान की गई है। परियोजना के तहत अनुदान राशि का प्रयोग अनुसंधान को सशक्त बनाने, अंतर्विषयी वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने और संस्थान की शोध अवसंरचना को आधुनिक स्वरूप देने के लिए होगा।
ड्रीम्स परियोजना के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच सहयोगात्मक शोध को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास, उन्नत शोध उपकरणों की उपलब्धता और शोधार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। अनुदान का एक बड़ा हिस्सा शोध अवसंरचना को मजबूत करने, प्रयोगात्मक सुविधाओं के विस्तार और मानव संसाधन विकास पर खर्च किया जाएगा। उन्नत सामग्री विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में नई तकनीकों और अनुप्रयोगों पर केंद्रित शोध को भी इस परियोजना के माध्यम से गति दी जाएगी। गौरतलब है कि विवि में हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में शोध के लिए मिली यह राशि विवि के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने बताया कि 10.23 करोड़ का यह अनुदान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शोध प्रकाशनों की संख्या और गुणवत्ता में वृद्धि करने में सहायक होगा। यही नहीं पेटेंट और नवाचार आधारित कार्यों को बढ़ावा और विद्यार्थियों को शोध-केंद्रित शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।