हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के कार्यकाल में हुईं भर्तियों और तबादलों की समीक्षा की जाएगी। यह फैसला सोमवार को विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक में लिया गया है। दो कमेटियां इन मामलों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट अगली बैठक में पेश करेंगी। पूर्व वीसी के कार्यकाल में 60 से अधिक लोग आउटसोर्स आधार पर भर्ती किए गए थे। इसके अलावा करीब 17 शिक्षकों के तबादले हुए थे। भर्तियों और तबादलों को लेकर कर्मचारी और शिक्षक संघों ने गंभीर आरोप लगाए थे। कर्मचारी संघों का आरोप था कि चहेतों के लिए यह भर्तियां की गई हैं।
इसके लिए न तो वित्त कमेटी और न ही ईसी की मंजूरी ली गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने आरोप लगाया था कि नियमों को दरकिनार कर चहेतों को मर्जी की जगह पर तैनाती देने के लिए तबादले किए गए हैं। इसी बीच तत्कालीन कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार को राज्यसभा चुनावों के लिए भाजपा ने हिमाचल प्रदेश से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। मार्च 2022 को वह भाजपा की ओर से प्रत्याशी तय किए गए और राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए।
इसके बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. एसपी बंसल को एचपीयू का अतिरिक्त कार्यभार मिलने पर कर्मचारी संघों ने मांगपत्र सौंपकर उनसे इन मामलों की जांच कर पूर्व में लिए गए फैसलों को रद्द करने की मांग की थी। लिहाजा, सोमवार को प्रो. बंसल की अध्यक्षता में हुई ईसी की बैठक में इन मामलों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। ईसी सदस्य राजकुमारी ने बैठक में दोनों मामलों को प्रमुखता से उठाया था।
विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को नए सत्र से स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम वर्ष से लागू करने के लिए मंजूरी दे दी है। विवि में हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने विवि की दृष्टि योजना को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विवि में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन मुख्य उद्देश्य रहेगा। इसमें 60:40 के अनुपात में अंकों का निर्धारण होगा। नीति के क्रियान्वयन को अकादमिक बैंक आफ क्रेडिट (एबीसी) को राष्ट्रीय अकादमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत करने की सुविधा शुरू की जाएगी।
स्नातक डिग्री के प्रथम वर्ष में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट शुरू करने को मंजूरी दी। क्रेडिट स्थानांतरित करने को विश्वविद्यालयों के समूह बनाए जएंगे। कुलपति ने बैठक में नैक मूल्यांकन में विवि की होने वाली ग्रेडिंग के लिए सौंपी गई सेल्फ स्टडी रिपोर्ट सौंप दिए जाने की जानकारी दी। बैठक में विवि के यूआईटी संस्थान में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में पांच वर्षीय एकीकृत कोर्स शुरू करने को भी मंजूरी प्रदान की। ईसी ने खेलों इंडिया में भाग लेने वाले स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का विशेष मौका देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। बैठक में विवि के ऑनलाइन मूल्यांकन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रति कुलपति की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।
इसमें प्रति कुलपति प्रो. ज्योति प्रकाश, डीएस प्रो. कुलभूषण चंदेल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी और विवि के कुलसचिव, वित्त अधिकारी सदस्य होंगे। बैठक में लिए गए अन्य फैसलों में विवि के साइंस ब्लॉक बी भवन का नाम सीवी रमण रखने, भारतीय गणित केंद्र का नाम भारतीय गणित का रामानुजन केंद्र रखने को मंजूरी दी। बैठक में फोरेंसिक साइंस के पूर्व निदेशक डॉ. अरुण शर्मा को विवि के फोरेंसिक विभाग में नियुक्त करने, तकनीकी विवि के कुलपति डॉ. शशि कुमार के अवकाश को स्वीकृत किया गया। प्रो. अनुपमा सिंह को इक्डोल के लोक प्रशासन विभाग से मंडी विवि भेजे जाने को भी मंजूरी दी गई। विवि के पर्यटन अध्ययन संस्थान में आचार्यों की कमी दूर करने को एक आचार्य का पद दूसरे विभाग से स्थानांतरित करने को भी अनुमति दी गई।
खेलो इंडिया में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को परीक्षा का विशेष मौका
परिषद ने खेलो इंडिया गेम्स में हिस्सा लेने के कारण परीक्षा न दे पाने वाले खिलाड़ियों को परीक्षा का विशेष मौका दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया। विद्यार्थियों की मांगों के निपटारे के लिए ईसी ने अधिष्ठाता अध्ययन, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, मुख्य छात्रपाल की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की।
शिक्षा नीति क्रियान्वयन में भागीदारी सुनिश्चित करें शिक्षक
विवि कार्यकारिणी परिषद में प्रधान सचिव शिक्षा ने सभी शिक्षकों का आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ. रैंकिंग में सुधार के लिए विवि को और अधिक सार्थक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने विवि की प्रगति पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि विवि विदेशी अध्ययन एवं नई पीढ़ी के लिए तकनीकी पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर जोर दें।