फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HPU Shimla: एचपीयू ने सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं को लाने-ले जाने पर लगाई रोक

Tue, 28 Apr 2026 09:18 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्थिति में सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं को लाने-ले जाने की पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
विज्ञापन
एचपीयू शिमला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

परीक्षा की गोपनीयता को लेकर उठे विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) प्रशासन ने उत्तर पुस्तिकाओं की परिवहन व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्थिति में सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं को लाने-ले जाने की पर पूरी तरह से रोक रहेगी। जारी निर्देशों के अनुसार, अत्यंत दूरदराज क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालय उत्तर पुस्तिकाओं को डाक के माध्यम से विश्वविद्यालय भेजेंगे, वहीं जो महाविद्यालय दूरी के लिहाज से मध्यम श्रेणी में आते हैं, उनके लिए विश्वविद्यालय स्वयं वाहन भेजकर उत्तर पुस्तिकाएं मंगवाएगा। प्रशासन का कहना है कि इससे परिवहन प्रक्रिया को नियंत्रित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। शिमला और आसपास के महाविद्यालयों के लिए अलग व्यवस्था तय की गई है। अमर उजाला ने 19 अप्रैल के अंक में इस खबर को फोटो सहित प्रकाशित किया था, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को छात्र बसों में ले जाया जा रहा था।

विज्ञापन

अब इन संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी हालत में सार्वजनिक बस या अन्य सामान्य साधनों का उपयोग नहीं करेंगे। उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं अपने वाहन के माध्यम से नियुक्त सुपरवाइजर की निगरानी में ही विश्वविद्यालय तक पहुंचानी होंगी। निर्देशों में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्थान और नियुक्त अधिकारी की होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी उत्तर पुस्तिकाएं सील अवस्था में ही भेजी जाएंगी और परिवहन के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, हालिया घटनाक्रम के बाद पूरी परीक्षा प्रणाली की समीक्षा की गई है और इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर नए निर्देश लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन उपायों का लक्ष्य परीक्षा गोपनीयता को मजबूत करना और भविष्य में किसी भी तरह की चूक को रोकना है। विश्वविद्यालय के कुलपति महावीर सिंह ने बताया कि महाविद्यालयों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है और संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अनुपालन की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

एचपीयू देगा अपने पुराने छात्रों को डिग्री पूरी करने का विशेष अवसर
 हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने वर्षों से अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए विद्यार्थियों के लिए अहम निर्णय लेते हुए विशेष अवसर प्रदान किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार बीए, बीएससी, बीकॉम, शास्त्री और बीटीए जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2013-14 से 2017-18 के बीच नामांकित छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। वहीं बीबीए और बीसीए कोर्स के लिए यह विशेष अवसर सत्र 2014-15 से 2017-18 तक के विद्यार्थियों को दिया गया है। इस कदम से बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों को फायदा होगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय में अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सके थे।

परीक्षाओं के लिए फीस संरचना भी तय कर दी गई है। बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री के छात्रों के लिए प्रति सेमेस्टर 10 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि बीबीए, बीसीए और बीटीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों को प्रति सेमेस्टर 20 हजार रुपये फीस देनी होगी। यह शुल्क विशेष अवसर के तहत परीक्षा में बैठने के लिए अनिवार्य रहेगा। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार ओड सेमेस्टर की परीक्षाएं अक्तूबर-नवंबर में आयोजित की जाएंगी, जबकि इवन सेमेस्टर की परीक्षाएं अप्रैल-मई 2027 में होंगी। विश्वविद्यालय ने परीक्षा नियंत्रक को आवश्यक डेटशीट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैंए ताकि समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं आयोजित की जा सकें। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध सरकारी और निजी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि इस अधिसूचना को अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर प्रदर्शित करें। छात्रों तक जानकारी पहुंचाने के लिए जनसंपर्क विभाग को भी इसे प्रमुख समाचार पत्रों और आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित करने को कहा गया है।
विज्ञापन

फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस और जर्नलिज्म पीएचडी कोर्स वर्क का 100 फीसदी परिणाम
 हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने मार्च 2026 में आयोजित पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षाओं के परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिए हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि इस बार सभी संबंधित विभागों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। घोषित परिणामों में फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन विषय शामिल हैं। फिजिक्स और जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में पीएचडी कोर्स वर्क का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। कंप्यूटर साइंस में भी सभी अभ्यर्थी सफल रहे, जिसमें एक री-अपीयर अभ्यर्थी का परिणाम भी शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को अपने परिणाम ऑनलाइन आईडी के माध्यम से देखने की सुविधा दी है। परीक्षा शाखा ने संबंधित विभागों के अध्यक्षों को परिणाम की जानकारी भेज दी है वहीं वेबसाइट पर भी परिणाम अपलोड करने के निर्देश जारी किए गए हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें