एचपीयू का विश्व के शीर्ष संस्थान एनजीआई नार्वे के साथ शिक्षक दिवस पर एमओयू साइन
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दोनों संस्थान जल्द मिलकर शुरू करेंगे शोध कार्य
आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने का रहेगा प्रयास अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने विश्व के शीर्ष भू तकनीकी संस्थान एनजीआई (नॉर्वेजियन जियो-टेक्निकल इंस्टीट्यूट) नार्वे के साथ शिक्षक दिवस पर एमओयू साइन (समझौता ज्ञापन) किया। एमओयू के तहत हिमालयी क्षेत्र विशेष तौर पर हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में हर साल बादल फटने की घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी, प्राकृतिक आपदाओं के कारणों का पता लगाने और इन घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने पर अनुसंधान होगा।
दोनों संस्थानों के संयुक्त अनुसंधान प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर केंद्रित रहेंगे। इसमें जमीन धंसने, ढलान स्थिरता, फ्लैश फ्लड जोखिम और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर काम होगा। इसके लिए आईएनएसएआर आधारित मॉनिटरिंग, यूएवी फोटोग्रामेट्री और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित असेसमेंट की आधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा। इस मौके पर एनजीआई के निदेशक डॉ. डॉमिनिक एच लैंग, वरिष्ठ अभियंता डॉ. स्पर्शा नाबुला, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. महावीर सिंह, अधिष्ठाता योजना प्रो. जोगिंद्र धीमान, प्रो. हरी मोहन, प्रो. एनएस नेगी मौजूद रहे।
एमओयू ऐतिहासिक कदम : प्रो. महावीर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि विश्व के इस शीर्ष संस्थान के साथ एचपीयू का एमओयू साइन किया जाना एक ऐतिहासिक कदम है। शिक्षक दिवस पर यह विश्वविद्यालय के साथ प्रदेश के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। इस कार्य के लिए विश्व बैंक सहित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से फंडिंग प्राप्त की जाएगी। विश्वविद्यालय जल्द ही पश्चिमी हिमालय पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजन करेगा।