एक ही पोर्टल पर मिलेगा पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड
नई व्यवस्था में प्रत्येक विद्यार्थी को व्यक्तिगत लॉगिन आईडी उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके माध्यम से वे अपना शैक्षणिक रिकॉर्ड, पंजीकृत विषय, परीक्षा परिणाम, फीस की रसीदें और विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे। माइग्रेशन सर्टिफिकेट, प्रोविजनल डिग्री, बैकलॉग सर्टिफिकेट और डुप्लीकेट मार्क्सशीट के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुनर्मूल्यांकन और री-चेकिंग के आवेदन जमा करने के साथ उनकी स्थिति भी ट्रैक की जा सकेगी।
डिजीलॉकर और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स से जुड़ेगा सिस्टम नई परीक्षा प्रबंधन प्रणाली को
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स और डिजीलॉकर से जोड़ा जाएगा। इससे शैक्षणिक रिकॉर्ड, डिग्रियों और प्रमाणपत्रों का डिजिटल सत्यापन आसान होगा। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल पर 24 घंटे सातों दिन ई-टिकटिंग आधारित हेल्पडेस्क की सुविधा भी प्रस्तावित है।
मोबाइल पर भी चलेगा पोर्टल दिव्यांगों के लिए स्क्रीन रीडर
पोर्टल को मोबाइल फ्रेंडली बनाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी स्मार्टफोन से भी परीक्षा संबंधी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें। वेब एक्सेसिबिलिटी मानकों के अनुरूप स्क्रीन रीडर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। न है। इससे दिव्यांग विद्यार्थी भी आसानी से पोर्टल का इस्तेमाल कर सकेंगे।