कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर- फाइल फोटो
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बहुचर्चित पेपर लीक मामले के बीच सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के दो कर्मचारियों को शिमला सचिवालय में नियुक्ति दी है। आयोग से सचिवालय भेजे गए दो कर्मचारियों में जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर नेहा कुमारी और राजेश कुमार शामिल हैं। जिन दो कर्मचारियों को आयोग से शिमला सचिवालय शिफ्ट किया है, उनमें एक का रिश्तेदार शिमला सचिवालय में ही सेवारत है। कामकाज निलंबन के बीच आयोग के दो कर्मचारियों को सचिवालय में नियुक्ति देने से सरकार के कार्यप्रणाली पर भी अंगुलियां उठनी शुरू हो गई हैं।
अभी तक भर्ती परीक्षा लीक मामले की एसआईटी और विजिलेंस जांच कर रही है। मामले में अभी तक आयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। अन्य कर्मचारियों से पूछताछ चल रही है। अभी जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता लाने के लिए आईएएस अधिकारी की अगुवाई में छह सदस्यीय हाईपॉवर कमेटी को हमीरपुर भेजकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक आयोग की उधेड़बुन में कुछ भी नया निकलकर नहीं आया है।
23 दिसंबर, 2022 को जेओए आईटी भर्ती परीक्षा लीक मामले का हमीरपुर विजिलेंस टीम ने खुलासा किया था। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर के पेपर भी लीक होने का खुलासा हुआ। इसके बाद सरकार ने चयन आयोग के कामकाज को निलंबित कर दिया था। तब से नई भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया और छंटनी परीक्षाएं व परीक्षा परिणाम पर रोक लगी है।
सरकार ने इस मामले में आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर और उपसचिव संजीव कुमार को शिमला कार्मिक विभाग में अटैच किया था। करीब 20 अन्य भर्तियों की शिकायतें भी विजिलेंस को मिली हैं। अभी विजिलेंस और एसआईटी ने जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश करना है।
इसी बीच, दो कर्मचारियों का शिमला सचिवालय में तबादला करना समझ से परे है। उधर, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के ओएसडी जितेंद्र सांजटा ने माना कि आयोग के दो जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर को शिमला सचिवालय में नियुक्ति के आदेश जारी हुए हैं।