पुनर्मूल्यांकन के बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ तो उन्होंने आरटीआई के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं मांगीं। छात्राओं का कहना है कि जब कॉपियां आईं तो उनमें कटिंग और उत्तरों में फेरबदल साफ नजर आया। छात्राओं ने अभिभावकों के साथ उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को वीरवार को ज्ञापन भेजा, जिसमें इस प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की मेहनत पर पानी फिर गया है, वे छात्रवृत्ति से वंचित हुए हैं और उनका मनोबल टूट गया है। इस मामले में शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि छात्र पहले भी उनके पास शिकायत लेकर आए थे। उस पर तुरंत संज्ञान लिया। छात्रों को बुलाकर उनकी उत्तर पुस्तिकाएं निकलवाईं। उनमें कटिंग तो दिख रही है, लेकिन यह तय नहीं कि वह बच्चों ने की है या किसी और ने। सचिव ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। अगर जांच में छेड़छाड़ साबित हुई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।