एक दशक पहले नगर परिषद सोलन में भर्तियों में हुईं अनियमितताओें के आरोपों के मामले में शनिवार को सरकारी वकील ने विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के बाद अन्य सभी 23 आरोपियों के नाम वापस लेने की अर्जी सोलन स्थित कोर्ट में दाखिल कर दी। इस पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी।
विजिलेंस ने 2002-2007 की वीरभद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान सोलन नप में भर्तियोें में अनियमितता का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि बिंदल के सोलन नप अध्यक्ष रहते भर्तियां नियमानुसार नहीं हुईं।
विजिलेंस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन 2007 में प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आ गई। साल 2012 में वीरभद्र सरकार के दोबारा सत्तासीन होते ही केस की जांच तेजी से बढ़ी और विजिलेंस ने कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
दिसंबर 2017 में भाजपा के दोबारा सत्तासीन होने से पहले कोर्ट में इस मामले में आरोप भी तय हो गए, लेकिन जयराम सरकार ने इस केस को राजनीतिक रंजिश से दर्ज मानते हुए वापस लेने का निर्णय ले लिया। अब सरकारी वकील सुनील वासुदेवा ने कोर्ट में मामला वापस लेने को आवेदन कर दिया है।