हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष ने सरकार को पीलिया के मुद्दे पर घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस पहले दिन 24 फरवरी और भाजपा दूसरे दिन 25 फरवरी को ही सदन की रणनीति तय करेगी।
बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण से होगी। भाजपा के आक्रामक रुख के संकेत मिलने पर पहले दिन की कार्यवाही खत्म होने के तुरंत बाद स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सदन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के प्रयास में सर्वदलीय बैठक बुला ली है।
राज्य की 12वीं विधानसभा का यह 11वां सत्र 25 फरवरी से शुरू होकर सात अप्रैल को खत्म होगा। इसमें कुल 25 बैठकें निर्धारित की गई हैं। वर्ष 2015-16 का अनुपूरक बजट 26 फरवरी को पेश होगा। आठ मार्च को आगामी वित्त वर्ष 2016-17 के बजट अनुमानों को प्रस्तुत किया जाएगा।
दो दिन प्राइवेट मेंबर्स डे होंगे। सत्र के दौरान कुछ नए विधेयक और संशोधन विधेयक भी पारित किए जाएंगे। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक 24 फरवरी 2016 को सायं सात बजे मुख्यमंत्री के सरकारी निवास ओक ओवर शिमला में होगी।
इसकी अध्यक्षता सदन के नेता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे। संसदीय कार्य मामले मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों, मुख्य संसदीय सचिवों और कांग्रेस विधायकों से बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया है। अग्निहोत्री विपक्ष से भी बजट सत्र को सुचारु रूप से चलने देने का अनुरोध करेंगे।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक 25 फरवरी को सवेरे 10 बजे प्रदेश विधानसभा परिसर में अपोजिशन लांज में रखी गई है। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज का कहना है कि इस बार विधानसभा सत्र में विपक्ष सरकार को पीलिया पर घेरेगा और वर्तमान में जनहित का यह बड़ा मुद्दा है।
शिमला सहित हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में पीने के शुद्ध पानी को उपलब्ध करवाने में नाकाम रही सरकार को पूछेगा। भ्रष्टाचार पर भी सरकार को जवाब देना होगा। सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था आदि की हालत बिगड़ने पर भी सत्ता पक्ष को विपक्ष का सामना करना होगा। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भाजपा संविधान में दिए अधिकार से कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेगी और जनता के तमाम मुद्दों को लेकर सदन में जाएगी।