पिछले कुल दिनों में लाखों पर्यटक वाहनों की प्रदेश में आवाजाही हुई है। पर्यटन स्थलों के प्रमुख प्रवेश मार्गों सहित शहरों की आंतरिक सड़कों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। हालांकि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिला है। होटल, होमस्टे, टैक्सी ऑपरेटर और टूर-ट्रैवल कारोबारियों के व्यवसाय में अच्छा उछाल देखा जा रहा है। कसौली और चायल सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर होटल लगभग पैक चल रहे हैं और एडवांस बुकिंग लगातार बढ़ रही है।
भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बाइक ट्रैफिक राइडर्स और इंटरसेप्टर वाहनों को तैनात किया गया है। पुलिस लगातार पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने, सड़क किनारे अवैध पार्किंग से बचने और हुड़दंग न करने की अपील कर रही है, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रहे। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन गजेंद्र चंद ठाकुर ने बताया कि मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए देश भर से सैलानी हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे हैं, जिससे पर्यटन कारोबार में तेजी आई है। आने वाले हफ्तों में भी प्रदेश में सैलानियों के पहुंचने का क्रम जारी रहने की उम्मीद है।