इससे साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री अलग-अलग दिशा में हैं और मंत्री एकजुट नहीं है। इस सरकार के प्रतिनिधियों में आपसी तालमेल नहीं दिख रहा है। सरकार काम करने के लिए होती है और अगर कोई अधिकारी काम नहीं करता है तो नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह से मंडी में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रात के अंधेरे में निपटने की बात की। उससे यह साबित होता है कि सरकार में उनकी नहीं सुनी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस मनरेगा का नाम बदलने को लेकर हो-हल्ला कर रही है और इसके विरोध में अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तो सिर्फ योजना का ही नाम बदला है लेकिन प्रदेश की वर्तमान सरकार ने तो हमारी चलाई योजनाओं को ही बंद कर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, विधायक बंजार विधानसभा क्षेत्र सुरेंद्र शौरी, जिला भाजपा अध्यक्ष अमित सूद सहित प्रदेश, जिला और मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।