पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
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पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की फंडिंग से महादेव एप घोटाले के तार जुड़े हुए हैं। आने वाले समय में इसकी अनेक परतें खुलेंगी। क्या छत्तीसगढ़ में हुए घोटालों के फंड का हिमाचल प्रदेश के चुनाव में इस्तेमाल हुआ, यह जांच का विषय है। छत्तीसगढ़ में चुनाव के दौरान महादेव एप घोटाला छाया रहा। यह घोटाला करोड़ों रुपये का है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे भूपेश बघेल को हिमाचल प्रदेश के लिए चुनाव की फंडिंग का जिम्मा दिया गया था, वह चुनाव के दौरान यहां प्रभारी थे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सोमवार को शिमला में प्रेस वार्ता कर रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ मॉडल की बात करती है और इसको हिमाचल में लागू करना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की गारंटियों के बयान वाले सीएम और अन्य नेताओं के वीडियो भी चलाए। जयराम ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में झूठ कहा गया कि हिमाचल प्रदेश में दस गारंटियों को पूरा कर लिया गया है। जयराम ने 1500 रुपये देने की गारंटी समेत अन्य गारंटियों को पूरा न कर पाने पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।
उन्हाेंने कहा कि चारों तरफ तबाही हुई है तो धर्मशाला में जश्न किस बात का मनाया जा रहा है। जयराम बोले कि अधिकारी संयम में रहें, क्योंकि वक्त बदलते देर नहीं लगती है। इन दिनों अधिकारी ज्यादा उत्साहित हैं। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, चुराह के विधायक हंसराज, भाजपा नेता संदीपनी भारद्वाज, एपीएमसी के पूर्व अध्यक्ष नरेश शर्मा, भाजपा के राज्य मीडिया प्रभारी करण नंदा सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।
सीएम सोच-समझकर बयान देंगे तो उनकी सेहत के लिए सही
जयराम ने तंज कसा कि सीएम का चार साल में हिमाचल प्रदेश को सबसे अमीर राज्य बनाने की बात करना ठीक वैसा है, जैसे राहुल गांधी ने कहा था कि यहां से आलू डालो और वहां से सोना निकलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के 100 करोड़ रुपये के क्रशर घोटाले के आरोप पर पूर्व सीएम बोले कि क्या वजह है कि कुछ क्रशर बंद किए तो कुछ खोल दिए गए। सीएम सोच-समझकर बयान देंगे तो यह उनकी सेहत के लिए भी सही होगा।