इनमें सबसे अधिक लाहौल-स्पीति में 17 पंचायतें शामिल हैं। लाहौल में 8, स्पीति में 9, कुल्लू में 3, चंबा में एक, मंडी में एक, कांगड़ा में एक और ऊना में 5 पंचायतों में सहमति बनी है। कुल्लू जिले में न्योली, शियाह और आनी ब्लॉक की एक पंचायत को निर्विरोध चुना है। चंबा जिले के विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत करवाल, मंडी जिले के विकास खंड चौंतड़ा की गोलंवा पंचायत निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुई है। इसी तरह ऊना जिले की पांच पंचायतों निचला पंडोगा, जखेवाल, बोहरू और ग्राम पंचायत उदयपुर में प्रधान, उपप्रधान और पंच प्रतिनिधियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। ऊना की पूना बीनेबाल पंचायत भी सर्वसम्मति से चुनी गई है। कांगड़ा जिले के परागपुर ब्लाॅक की बगली पंचायत निर्विरोध निर्वाचित हुई है।
पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। इस बार महिला प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके समर्थन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रचार अभियान में सक्रिय नजर आ रही हैं। घर के कामकाज और चूल्हा-चौका छोड़ महिलाएं घर-घर जाकर अपने उम्मीदवारों के पक्ष में वोट मांग रही हैं। पंचायतों में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण कई स्थानों पर महिलाएं स्वयं चुनाव मैदान में हैं, जबकि कई जगह पति और बेटों की जीत सुनिश्चित करने के लिए भी महिलाएं प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। गांवों में महिला टोलियां घर-घर दस्तक देकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही हैं। चुनावी प्रचार में सोशल मीडिया के अलावा पोस्टर, बैनर और नारों का भी खूब इस्तेमाल हो रहा है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। दोपहर के समय भीषण गर्मी के बावजूद चुनाव प्रचार जारी है और बाजारों से लेकर गांवों तक चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं, रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की खालाक्यार पंचायत में शुक्रवार को नामांकन वापिस लेने के दौरान एक बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। उपप्रधान पद का एक उम्मीदवार नामांकन वापिस लेने के आवेदन (प्रपत्र ) को एआरओ से छीन कर भाग गया। एआरओ ने तुरंत इसकी सूचना निर्वाचन अधिकारी एवं बीडीओ ददाहू को दी। बीडीओ के आदेश पर एआरओ ने शुक्रवार देर रात को रेणुका थाने में पहुंच कर उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। ज्ञात हुआ है कि ददाहू के साथ सटी खालाक्यार पंचायत में उपप्रधान पद के चार उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इनमें से शुक्रवार को तीन उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापिस ले लिया। अकेले उम्मीदवार को मैदान में रहते देख उन तीन उम्मीदवारों में से एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापिस लेने के कुछ देर बाद ही अपना नामांकन एआरओ से छीन कर फरार हो गया। इस कारण खालाक्यार पंचायत में नामांकन वापिस लेने की कार्यवाही को रोक कर रखा गया जिस कारण पूरे ब्लॉक में ही प्रत्याशियों की नामांकन वापिसी की गणना का आंकलन भी देर रात तक थमा रहा। निर्वाचन अधिकारी एवं बीडीओ ददाहू दर्शन लाल पुंडीर ने बताया कि खालाक्यार पंचायत में स्थित एआरओ से एक प्रत्याशी द्वारा नामांकन प्रपत्र छीन कर भाग जाने की सूचना प्राप्त हुई है। मौके पर जाकर जांच करने के उपरांत एआरओ को संबंधित प्रत्याशी के विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करने को भेजा गया है। इस बारे में विभागीय कार्रवाई के साथ साथ विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है।
जिला शिमला की 42 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुन ली गई हैं। इस बार करीब 9.52 प्रतिशत पंचायतों में बिना चुनाव के ही प्रतिनिधि चुन लिए गए। जबकि दूसरी ओर पिछले चुनाव में 19 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई थीं। जिला पंचायत अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिला के चौपाल विकास खंड में सबसे अधिक 10 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें खद्दर, बिजमल, कुताह, क्यारी (शिलान), बघार (चौकी), सराहन, पंदराडा, जवाग चमरोग, लछोग और बोहर पंचायत शामिल हैं। इसके अलावा छोहारा विकास खंड की सात पंचायतें भी निर्विरोध चुनी गई हैं, जिनमें अम्बोई, खरशाली, धमवाड़ी, दियुड़ी-मायला, पेखा, रनोल और थाना पंचायत शामिल हैं। ठियोग विकास खंड में भी सात पंचायतें निर्विरोध रहीं। इनमें बलग, रौनी मतियाना, भोगड़ा-पल्ली, घूंड, क्यारा, ग्वाही देवी मोड़ और मुंडू पंचायतें शामिल हैं। रोहड़ू विकास खंड में पांच पंचायत करचरी, पुजारली-3, जगोठी, मुंचारा और अंतापु-बताड़ी पंचायतों में सर्वसम्मति बनी है। इसके अलावा बसंतपुर ब्लॉक में मंडयालु, हिमरी, रामपुर ब्लॉक में बढ़ाल, कूट, कोटखाई ब्लॉक में गुम्मा, थरोला व घुंड भड़ेच , कुपवी में चुरयाना डाक शरड़, मालत व बाग धमराह, जुब्बल ब्लॉक में भोलाड़, ननखड़ी ब्लॉक में शोली और नारकंडा ब्लॉक में शलोंथा पंचायत निर्विरोध चुनी गई है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आपसी सौहार्द और सहमति की मिसाल माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि बार काउंसिल चुनाव में वोट डाल चुके अधिवक्ता भी पंचायती राज चुनाव में मतदान कर सकेंगे। यदि मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी पर पहले से अमिट स्याही लगी है, तो पहचान सत्यापित करने के बाद दाएं हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाकर वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, बीडीओ और बार काउंसिल को आदेश भेजकर इसे तुरंत सभी पोलिंग बूथों तक पहुंचाने को कहा गया है, ताकि मतदान के दौरान किसी मतदाता को परेशानी न हो। यह स्पष्टीकरण जिले के एक सहायक निर्वाचन अधिकारी की ओर से 14 मई को भेजे गए एक संदर्भ पत्र के जवाब में आया है।
प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 70,224 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। प्रदेशभर में विभिन्न पदों के लिए कुल 86,725 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें से 793 नामांकन पत्र जांच के दौरान रद्द कर दिए गए, जबकि 15,708 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए गए। इसके बाद अब 70,224 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आयोग ने 793 नामांकन पहले ही रद्द कर लिया था, इनके दस्तावेज सही नहीं पाए गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि कांगड़ा जिले में 19,698 नामांकन दाखिल हुए थे। इनमें 250 नामांकन रद्द हुए और 1,805 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। अब कांगड़ा में 17,643 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जो प्रदेश में सबसे अधिक हैं। वहीं मंडी जिले में 2837 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए है। यहां अब 11,728 उम्मीदवार मैदान में हैं। चंबा में 1128 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए अब यहां 7,315 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।
इसी तरह शिमला में 2495 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए, अब यहां 6,118, ऊना में 859 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिए, अब यहां 4,755 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। वहीं, कुल्लू जिले में 1,693 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए हैं, अब यहां 4098 उम्मीदवार चुनाव मैदान में, लाहौल-स्पीति जिले में सबसे कम 425 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां 65 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं। जिला सिरमौर में 2017 नामांकन वापस अब यहां 3919 उम्मीदवार मैदान में, जिला सोलन में 1398 उम्मीदवारों ने नाम वापस अब यहां 4195 उम्मीदवार मैदान में, हमीरपुर में 484 नामांकन वापस अब यहां 4849 उम्मीदवार मैदान में, बिलासपुर में 558 नामांकन की वापसी और 4145 उम्मीदवार मैदान में, जिला किन्नौर में 369 नामांकन वापसी और अब यहां 1034 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। हिमाचल में अब चुनाव प्रचार ने जोर पकड़ लिया है और प्रत्याशी गांव-गांव जाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुट गए हैं। चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। मतदान प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार करवाई जाएगी।