इनमें हिमाचल प्रदेश के साथ केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा और दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव शामिल हैं। इससे ऊपर केवल पंजाब और चंडीगढ़ ही प्रचेष्टा एक ग्रेड हासिल कर सके हैं। स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के मामले में भी हिमाचल ने शानदार प्रदर्शन किया। इंफ्रास्ट्रक्चर एवं फैसिलिटीज डोमेन में प्रदेश का स्कोर 110.5 रहा और उसे प्रचेष्टा एक ग्रेड मिला। यह स्कोर केरल से भी बेहतर रहा। स्कूल शिक्षा तक पहुंच और सामाजिक समानता के क्षेत्र में भी हिमाचल ने अच्छा प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश ने शिक्षा को दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने में संतोषजनक प्रगति दर्ज की है। पीजीआई रिपोर्ट में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्य हिमाचल से नीचे की श्रेणी में रहे।
पीजीआई 2.0 रिपोर्ट में स्कूल शिक्षा को 70 संकेतकों के आधार पर परखा गया। इसमें सीखने के परिणाम, पहुंच, समानता, अधोसंरचना, शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शामिल किया गया। हिमाचल ने खासतौर पर बुनियादी ढांचे, सीखने के परिणाम और शिक्षक प्रशिक्षण में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
सीखने के परिणाम यानी लर्निंग आउटकम के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को प्रचेष्टा एक ग्रेड मिला। प्रदेश का स्कोर 110.5 रहा, जो कई बड़े राज्यों से बेहतर है। इस श्रेणी में पंजाब सबसे आगे रहा, लेकिन हिमाचल शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा। शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में हिमाचल ने उत्तम एक ग्रेड प्राप्त किया। प्रदेश का स्कोर 80.3 रहा। यह दर्शाता है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के प्रशिक्षण, दक्षता और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के प्रयास असर दिखा रहे हैं।
परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किया जाता है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्कूल शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाता है। कुल 1000 अंकों के आधार पर राज्यों को विभिन्न ग्रेड दिए जाते हैं। इस बार कोई भी राज्य शीर्ष श्रेणियों उत्कर्ष और उत्तम श्रेणियों तक नहीं पहुंच पाया। चंडीगढ़ और पंजाब प्रचेष्टा एक श्रेणी में सबसे आगे रहे, जबकि हिमाचल ने प्रचेष्टा दो में जगह बनाकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।