बाढ़ से अगर पुल क्षतिग्रस्त होता है तो 15 दिन के भीतर बेली ब्रिज लगाया जाएगा। वर्ष 2022-23 में प्राकृतिक आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग के 33 पुल ढह गए थे। इससे सबक लेते हुए विभाग ने पहले ही पुलों का इंतजाम किया है। हालांकि, बीते साल जहां-जहां अस्थायी पुल लगाए थे, वहां नए पुलों के निर्माण के साथ इन पुलों को हटाने का काम भी शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर जिला मंडी, कुल्लू और शिमला में फोकस किए हुए हैं। इन जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना रहती है।
बरसात के चलते लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में लगातार इंजीनियरों की बैठकें हो रही हैं। जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी जा रही है। कई जगह सड़कों से मलबा हटाने के बाद पहाड़ी खिसक रही है। आपदा प्रबंधन ने भी लोगों को नदियों, नालों के किनारे न जाने की सलाह दी है। लोक निर्माण विभाग ने भी मजदूरों को सावधानी से काम करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 13 बेली ब्रिज की व्यवस्था की गई है। पुराने पुलों का भी ऑडिट किया जा रहा है। जिन पुलों की हालत खस्ता होगी, उन्हें बदला जाएगा। जिला मंडी और शिमला में सड़कें अवरुद्ध हो रही हैं। समय रहते इन्हें यातायात के लिए बहाल किया जा रहा है। मानसून के चलते डिवीजन स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
-इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल, लोक निर्माण विभाग
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