जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान नगर निगम के अफसरों की मौजूदगी में हाईकोर्ट ने यह कड़ा फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि शहर में 4 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जहां पानी संबंधित शिकायत की जा सकती है।
मॉल रॉड शिमला कंट्रोल रूम में 26580916 नंबर पर, छोटा शिमला कंट्रोल रूम में 2623760 नंबर पर, संजौली चौक कंट्रोल रूम में 2842131 नंबर पर और चौड़ा मैदान कंट्रोल रूम में 2813671 नंबर पर फोन कर पानी संबंधी शिकायत और जानकारी ली जा सकती है।
नगर निगम आयुक्त ने साढ़े तीन एमएलडी पानी की लीकेज रोकने को उठाए कदमों से भी कोर्ट को अवगत कराया। कोर्ट ने उन्हें यह कदम शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को बताने के आदेश दिए। कोर्ट ने उन्हें यह बताने को भी कहा कि स्थानीय जल स्रोतों का कैसे सही इस्तेमाल हो सकता है, ताकि इस समस्या से हमेशा निजात मिल सके।
कोर्ट ने पाया कि अब शहर को तीन जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन में पानी दो दिन के अंतराल में दिया जाना है। कोर्ट ने आशा जताई कि इस तरह सभी लोगों को बराबर पानी मिल सकेगा।
हाईकोर्ट ने एक सप्ताह तक शिमला शहर में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्यों और गाड़ियां धोने पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं। सप्ताह के बाद संबंधित समिति पाबंदी को बढ़ाने अथवा खत्म करने पर निर्णय लेगी।
हाईकोर्ट ने जिला जज शिमला जो जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी के अध्यक्ष भी हैं, को नगर निगम के कंट्रोल रूमों में पैरा लीगल स्वयंसेवकों की तैनाती करने के आदेश भी दिए।
आर्मी और एडवांस स्टडीज का पानी होगा डायवर्ट
कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह सेना के अनाडेल स्थित गोल्फ कोर्स को दिए जाने वाले पानी को नगर निगम को डायवर्ट करने के लिए सैन्य अधिकारियों से बात करें। ऐसी ही बात इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज से भी करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि इनके पास बहुत बड़े स्टोरेज टैंक हैं।