सबसे पहले कार्यकर्ता डिप्टी मेयर कार्यालय पहुंचे। डिप्टी मेयर दफ्तर में नहीं थे। इसके बाद मेयर और फिर आयुक्त कार्यालय में कार्यकर्ता घुस गए। यहां पर रखी टेबल तथा कुर्सियों पर चढ़कर हंगामा किया।
पुलिस की टीम ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए शेरे पंजाब तक रैली निकाली।
रैली में पार्टी राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, पूर्व महापौर संजय चौहान, राज्य सचिवालय सदस्य डॉ. कुलदीप तनवर, राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा, शहरी सचिव बलबीर पराशर, प्रेम गौतम, फालमा चौहान, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, डॉ. रीना, बाबू राम, चंद्रकांत, किशोरी डटवालिया, सोनिया, अनिल, रमन, दिनित, पवन मौजूद रहे।
पूर्व मेयर संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा और शहरी सचिव बलबीर पराशर ने कनलोग में सीवेज पानी पिलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इनका कहना है कि नगर निगम पानी देने में पूरी तरह विफल है।
मेयर, डिप्टी मेयर को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। घेराव के दौरान जब माकपा कार्यकर्ता निगम आयुक्त के ऑफिस के बाहर नारेबाजी करते हुए पहुंचे तो उन्हें वहां पर वाटर फिल्टर और गिलास दिखाई दिए।
कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी छोड़कर पहले पानी पिया तो कुछ महिलाओं ने साथ लाई बोतल में पानी भरा।अ माकपा ने आरोप लगाया है कि 2015 में अश्वनी की सप्लाई बंद करने के बाद भी 20 एमएलडी पानी मिलता था।
उस वक्त भी एक दिन छोड़कर पानी शहरवासियों को दिया जाता था, लेकिन आज जब 23.57 एमएलडी पानी मिल रहा है, तो भी शहर की जनता को हफ्ते में एक बार पानी मिल रहा है।