प्रदेश हाईकोर्ट ने एक किलो चरस के लिए सुनाई सजा को अपर्याप्त बताया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक किलो चरस के लिए सुनाई सजा को अपर्याप्त बताया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार किया है। अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के लिए तलब किया है। मामले की सुनवाई 12 सितंबर को होगी।
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विचारण अदालत ने दोषी को दो वर्ष का कठोर कारावास और 20,000 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। विशेष न्यायाधीश के इस निर्णय को राज्य सरकार ने अपील के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत के समक्ष दलील दी गई कि विचारण अदालत ने दोषी को कम सजा सुनाई है। अदालत को बताया कि दोषी से एक किलो चरस बरामद की गई थी।
इसके अलावा गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा था। इसके बावजूद विचारण अदालत ने उसे कम सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों पर सहमति जताते हुए निचली अदालत के निर्णय में संशोधन किया है। अदालत ने पाया कि चरस रखने के जुर्म के लिए दोषी को कम सजा सुनाई गई है। इस जुर्म के लिए उसे कितनी सजा सुनाई जानी है इसके लिए दोषी को अदालत के समक्ष पेश करने के आदेश दिए गए हैं।