जुलाई 2023 में जिला कुल्लू में आई आपदा से मची तबाही के बाद नदियों में ड्रेजिंग (नदी के जल निकाय के नीचे से गाद और दूसरी सामग्री को हटाना) का काम और हाईवे का रखरखाव किया जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने इसे लेकर स्थिति रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की है। इसको लेकर उच्च न्यायालय ने कुल्लू जिला प्रशासन की ओर से किए कामों की सराहना की है।
हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस रामाचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने ब्यास नदी पर की जा रही ड्रेजिंग की सराहना की। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की ओर से चुनौतियों के बावजूद चिह्नित स्थलों में काम की पर्याप्त प्रगति हुई है। कुल्लू, बंजार और मनाली उपमंडलों में ड्रेजिंग ऑपरेशन चलाए गए हैं, हालांकि अभी पूरे नहीं हुए हैं। लोक निर्माण विभाग को सौंपे राजमार्गों के साथ-साथ कुल्लू और मंडी जिलों में ड्रेजिंग ऑपरेशन भी किए गए हैं।
हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि बरसात शुरू होने से पहले ये काम पूरा हो जाएगा। सरकार की ओर से दी रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल्लू और मंडी जिलों में राजमार्गों की सफाई का काम पूरा हो गया है। मगर धन की कमी के कारण मंडी जिले में ड्रेजिंग कार्यों पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इस दौरान उच्च न्यायालय ने भारत सरकार के उप महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह परियोजना निदेशक को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नौ अप्रैल से पहले ही स्वीकृत 450.76 लाख रुपये की राशि हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग को जारी करें। इससे खराब राष्ट्रीय राजमार्गों का उचित रखरखाव हो सके।