हिमाचल हाईकोर्ट ने सोलन के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आदेश दिए हैं कि वह शिमला-परवाणू राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास अवैध निर्माण की जानकारी मिलते ही उसे तुरंत सील करें और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करें।
हाईकोर्ट ने शिमला-परवाणू और शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास बनाए गए अवैध निर्माण को अदालती आदेशों के बावजूद न हटाने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव सहित गृह, लोक निर्माण, शहरी विकास और परिवहन विभाग के प्रधान सचिवों को तलब किया था।
सुनवाई के दौरान सभी अधिकारी कोर्ट में उपस्थित रहे। कोर्ट ने सोलन के डीसी और टीसीपी निदेशक को कोर्ट में 21 सितंबर को उपस्थित रहने के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने वर्ष 2014 में अमर उजाला में छपी खबर के बाद दायर जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।