हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना संबद्धता और मान्यता के चल रहे ट्रेनिंग और शिक्षण संस्थानों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फर्जी और जाली ट्रेनिंग-शिक्षण संस्थानों का पता लगाकर उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करे।
न्यायाधीश राजीव शर्मा ने धर्मशाला के एक फर्जी शिक्षण संस्थान के मैनेजर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह आदेश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि यह सरकार का दायित्व है कि प्रदेश में कोई भी फर्जी शिक्षण संस्थान न खुले।
यह संस्थान बड़े-बड़े विज्ञापन देकर मोटी रकम छात्रों और उनके अभिभावकों से ऐंठते हैं। कोर्ट ने सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए कि वह फर्जी शिक्षण संस्थानों का पता लगा कर उन्हें सील करे और उनके बैंक अकाउंट जब्त कर प्रभावित छात्रों को उनका पैसा लौटना सुनिश्चित बनाएं।