हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आदेशों की अनुपालना न करने वाले हेड कांस्टेबल बेली राम और राज कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने एसपी सोलन और बिलासपुर को आदेश दिए कि वे इन दोनों कर्मियों को बड़ा दंड देने के लिए विभागीय कार्रवाई अमल में लाए।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी अमले को चेताया कि कोर्ट के आदेशों के मजे लेना बंद कर दें। अदालती आदेशों को हल्के में न लें। कोर्ट ने कहा कि काफी लंबे समय से कोर्ट के आदेशों की अवमानना के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
संबंधित अधिकारी और कर्मचारी ये सोचकर आदेशों पर अमल नहीं कर रहे कि कोर्ट के आदेशों की अवमानना से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। कोर्ट ने यह टिप्पणी मादक पदार्थ रखने के दोषी सुरजीत कुमार को कोर्ट में पेश करने के आदेशों की अनुपालना न करने पर की।
यह था पूरा मामला
मामले के अनुसार बिलासपुर निवासी सुरजीत को सरकार की अपील मंजूर करते हुए मादक पदार्थ रखने के आरोप में दोषी करार दिया गया था। 23 जून को दोषी करार देने पर कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिए थे कि वह दोषी को 29 जून को कोर्ट में सजा के एलान के लिए पेश करे।
दोनों हेड कांस्टेबल खाली हाथ कोर्ट में पेश हुए और कहा कि दोषी घर पर नहीं पाया गया। कोर्ट ने उनके बयानों के आधार पर पाया कि दोनों पुलिस कर्मी कोर्ट के आदेशों के प्रति बेपरवाह रहे हैं, जबकि दोषी को कुछ गंभीर प्रयास करने पर आसानी से पकड़ा और कोर्ट में पेश किया जा सकता था।
कोर्ट ने दोनों कर्मियों को ड्यूटी में कोताही बरतने के दोष में उनके खिलाफ बड़े दंड के लिए विभागीय कार्यवाई अमल में लाने के आदेश जारी कर दिए।
कक्षाएं नहीं चलाने पर शिक्षा सचिव से जवाब तलब
प्रदेश हाईकोर्ट ने सिरमौर जिला के तहसील कमरू के नए अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल थोंथा जाखल में नौवीं और दसवीं की कक्षाएं न चलाने के मामले में शिक्षा सचिव को दो सप्ताह में जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रार्थी देला राम की याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद ये आदेश दिए। प्रार्थी ने सरकार की ओर से जारी 10 मई और 8 जून की अधिसूचनाओं पर अमल किए जाने की गुहार लगाई है। मामले पर सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
रेलवे लाइन पर पुल और फाटक बनाने पर आठ हफ्ते में फैसला करें
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडलीय रेलवे मैनेजर उत्तर रेलवे को आदेश दिए हैं कि वे पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन पर पुलों और फाटकों का निर्माण करने के बारे में आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लें। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने राकेश कुमार मनकोटिया की ओर से दायर की गई याचिका का निपटारा करते हुए दिए।
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन का निर्माण स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले किया गया था। फ्लाईओवर और फाटकों की कमी के चलते रेलवे लाइन से लगते गांववालों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को तो अपनी जान तक को गंवाना पड़ा है। प्रार्थी ने कहा था कि रेलवे लाइन से लगने वाले गांवों के लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है।
एचपीसीए मामले की सुनवाई अब 21 जुलाई को
हाईकोर्ट में एचपीसीए के खिलाफ धर्मशाला में दर्ज अवैध पेड़ कटान और कॉलेज भवन को गिराने के आरोपों के तहत प्राथमिकियों को रद्द करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई 21 जुलाई के लिए स्थगित की गई। इन मामलों में एचपीसीए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता की गैर हाजिरी के कारण यह सुनवाई टली।
चरस के साथ पकड़े गए युवक को 5 साल कैद
प्रदेश हाईकोर्ट ने 250 ग्राम चरस के साथ पकड़े दोषी सुनील कुमार को 5 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने विशेष न्यायाधीश सोलन के फैसले को पलटते हुए यह आदेश जारी किये।
मामले के अनुसार 5 नवंबर 2007 को नालागढ़ बाजार में दोषी सुनील कुमार को 250 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसकी उम्र महज 20 साल थी। 14 गवाहों को पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोषी का दोष साबित नहीं कर पाया। सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई।