कैंपस में छात्र आंदोलन को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में हाईकोर्ट से संस्थान परिसर में अमन व शांति और शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को निर्देश देने का आग्रह किया है।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव, डीजीपी, डीसी और एसपी शिमला के अलावा एसएफआई के दो छात्र नेताओं को नोटिस जारी कर 26 जुलाई तक जवाब देने को कहा है।
कोर्ट ने अपने आदेश में छात्र संगठनों को भी मांगें मनवाने के लिए शांतिपूर्ण तरीका अपनाने को कहा है। यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में शैक्षणिक माहौल खराब न हो। कोर्ट ने छात्र संगठनों को 24 जुलाई को वीसी के साथ बैठकर चर्चा करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी।
एसएफआई ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी समस्याएं
एचपीयू में सीएम को अपनी मांगें बताते एसएफआई कार्यकर्ता।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के शुक्रवार को स्थापना दिवस समारोह में आने पर छात्र समस्याओं को लेकर आंदोलनरत एसएफआई कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें मांग पत्र सौंपा।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सौंपे मांग पत्र में बताया कि एसएफआई पिछले 107 दिनों से 48 घंटे के क्रमिक अनशन पर है, कुलपति के नकारात्मक रवैये के चलते आज तक छात्रों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है।
छात्र नेता नोवल और विविन ने मुख्यमंत्री से कहा कि कुलपति ने पहले फीस बढ़ाकर सरकार को गुमराह किया, हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट आ जाने पर उसे सार्वजनिक न कर प्रदेश के लाखों छात्रों के साथ धोखा कर अपनी राजनीति खेल रहे है।
सीएम तथा कुलपति के बयान पर जताई आपत्ति
एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष नोवल ठाकुर ने कहा कि स्थापना दिवस पर सिर्फ छात्र राजनीति को कोसने से विवि का विकास नहीं होगा। मुख्यमंत्री और कुलपति ने सिर्फ छात्र हित के लिए लड़ाई लड़ रहे एक संगठन को निशाना बनाकर बयानबाजी की।
जबकि स्थापना दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय के विकास और आगे बढ़ने पर मंथन करने बजाय छात्र राजनीति को कोसना सही नहीं है। यदि सही में उन्हें चिंता है, तो छात्रों की छात्रावास, शिक्षकों, रूसा के लटके परीक्षा परिणाम को घोषित करने और रूसा में सुधार लाने का प्रयास कुलपति करें।
कुलपति पर हवन कर अनुच्छेद- 28 के उल्लंघन करने का आरोप
एसएफआई की विवि इकाई ने स्थापना दिवस पर कुलपति कार्यालय के बाहर किए गए हवन को सीधे तौर पर अनुच्छेद 28 की उल्लंघना करार दिया है। छात्र नेताओें का कहना है कि विवि में हर धर्म के लोग पढ़ते हैं, नौकरी करते हैं।
इकाई अध्यक्ष नोवल और विपिन ने बताया कि इसको लेकर समरहिल चौकी में कुलपति के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। उन्होंने कहा कि जल्द हवन के वीडियो और फोटो के साथ एसएफआई न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।