इस दौरान सफाई व्यवस्था पर भी अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेश गुप्ता ने उन्हें अस्पताल में चिकित्सकों के खाली पदों के बारे में भी अवगत करवाया।
जिसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर जल्द ही सौ चिकित्सकों का एक बैच निकलने वाला है। इस बैच के चिकित्सकों को अति आवश्यकता वाले अस्पतालों में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन अस्पताल में खाली चल रहे पदों को जल्द भरा जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने सोलन अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद डेपोटेशन पर ऊना चले गए बाल रोग विशेषज्ञ के मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से डॉक्टर की तैनाती और उन्हें डेपोटेशन देने के निर्देश की फाइल तलब की है।
मंगलवार को सोलन अस्पताल का मुआयना करते हुए जब स्वास्थ्य मंत्री बाल रोग विभाग में पहुंचे तो वहां मरीजों ने उन्हें डॉक्टर की कमी के बारे में अवगत करवाया। इस पर सोलन अस्पताल के एमएस डॉ. महेश गुप्ता ने विशेषज्ञ चिकित्सक के डेपोटेशन पर होने की बात कही। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि डॉक्टरों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी डॉक्टर मरीज को महंगी व नामी कंपनी की दवा नहीं लिख सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को दवाएं उपलब्ध करवा रहा है और विभिन्न किस्म की दवाएं अस्पताल में मुफ्त में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सोलन में ट्रामा सेंटर की मांग पर भी सरकार विचार करेगी।
सोलन अस्पताल को शहर से बाहर करने पर विचार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन अस्पताल शहर के बीचोंबीच है। जिसकी वजह से यातायात जाम और अस्पताल के विकास पर असर पड़ रहा है। अस्पताल भवन का विस्तार सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से राय ली जाएगी। यदि संभव हुआ तो सोलन अस्पताल को किसी दूसरी जगह तबदील कर दिया जाएगा। ताकि भविष्य में अस्पताल के विकास की संभावनाओं को बरकरार रखा जा सके।