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स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, इस मामले पर लिया कड़ा संज्ञान

Wed, 24 Jan 2018 12:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोलन

सार

 
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विस्तार
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने अस्पताल में खाली चल रहे चिकित्सकों के पद भरने और आधुनिक उपकरणों की खरीद के संकेत दिए हैं। उन्होंने सोलन के आसपास के अस्पतालों में पोस्टमार्टम न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है और धर्मपुर और कंडाघाट अस्पताल की रिपोर्ट तलब की है। 

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अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खुलासा किया था कि विशेषज्ञ चिकित्सकों को ड्यूटी छोड़कर पोस्टमार्टम करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा मरीजों को जन औषधि केंद्र से सस्ती व गुणकारी दवाएं लिखने के डॉक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। 

विपिन परमार ने यह निर्देश मंगलवार को सोलन अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान दिए। अचानक अस्पताल आ पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों का हाल भी जाना और उन्हें मिल रही दवाओं के संबंध में पूछताछ की। 
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बाल रोग विशेषज्ञ के डेपोटेशन की जांच के आदेश 

इस दौरान सफाई व्यवस्था पर भी अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेश गुप्ता ने उन्हें अस्पताल में चिकित्सकों के खाली पदों के बारे में भी अवगत करवाया। 

जिसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर जल्द ही सौ चिकित्सकों का एक बैच निकलने वाला है। इस बैच के चिकित्सकों को अति आवश्यकता वाले अस्पतालों में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन अस्पताल में खाली चल रहे पदों को जल्द भरा जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने सोलन अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद डेपोटेशन पर ऊना चले गए बाल रोग विशेषज्ञ के मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से डॉक्टर की तैनाती और उन्हें डेपोटेशन देने के निर्देश की फाइल तलब की है।

मंगलवार को सोलन अस्पताल का मुआयना करते हुए जब स्वास्थ्य मंत्री बाल रोग विभाग में पहुंचे तो वहां मरीजों ने उन्हें डॉक्टर की कमी के बारे में अवगत करवाया। इस पर सोलन अस्पताल के एमएस डॉ. महेश गुप्ता ने विशेषज्ञ चिकित्सक के डेपोटेशन पर होने की बात कही। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए।
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डॉक्टरों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि डॉक्टरों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी डॉक्टर मरीज को महंगी व नामी कंपनी की दवा नहीं लिख सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को दवाएं उपलब्ध करवा रहा है और विभिन्न किस्म की दवाएं अस्पताल में मुफ्त में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सोलन में ट्रामा सेंटर की मांग पर भी सरकार विचार करेगी।

सोलन अस्पताल को शहर से बाहर करने पर विचार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोलन अस्पताल शहर के बीचोंबीच है। जिसकी वजह से यातायात जाम और अस्पताल के विकास पर असर पड़ रहा है। अस्पताल भवन का विस्तार सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से राय ली जाएगी। यदि संभव हुआ तो सोलन अस्पताल को किसी दूसरी जगह तबदील कर दिया जाएगा। ताकि भविष्य में अस्पताल के विकास की संभावनाओं को बरकरार रखा जा सके।
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