विभिन्न आवास योजनाओं के लिए 2018-19 में 150 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। कंवर ने कहा कि सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को लागू करने पर ध्यान देगी।
मनरेगा में बेहतर पानी निकासी के लिए सड़क के साथ नालियों व मकानों के साथ छोटे पिट का निर्माण किया जाएगा। अगले पांच वर्षों के दौरान मनरेगा तथा स्वच्छ भारत के संसाधनों के उपयोग से पूरे प्रदेश में ठोस तथा तरल कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
कहा कि मनरेगा के अंतर्गत अकुशल कामगार को 100 दिन का रोजगार दिया जा रहा है। राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए आगामी वित्त वर्ष के दौरान रोजगार की संख्या को 100 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन करने का प्रावधान किया गया है।
अतिरिक्त दिनों पर आए व्यय का वहन सरकार करेगी। इसी प्रकार स्वयं सहायता समूहों को और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उनके रिवॅाल्विंग फंड को मौजूदा 25000 रुपये से बढ़ाकर 40000 रुपये किया गया है।