हिमाचल में पंचायत प्रधानों के हाथ बांधने की तैयारी है। आने वाले दिनों में पंचायतों के प्रधान अपने स्तर पर बड़े काम नहीं करवा सकेंगे। पचास हजार से ज्यादा लागत के काम के लिए अब टेंडर होंगे और पंचायत सचिव के पास इसका पूरा लेखा-जोखा रहेगा।
पंचायत प्रधान ऐसे कार्यों की केवल निगरानी कर सकेंगे। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी टेंडर का रेट तय करेगी। पंचायत राज विकास विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सूबे में जल्द ही इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले संबंधित बीडीओ के साथ एमओयू के बाद पंचायत प्रधान को काम कराने के लिए पैसा जारी होता था और वे अपने स्तर पर काम करवाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। एसडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी विकास कार्य की सामग्री जैसे पत्थर, रेत, बजरी और सीमेंट आदि का रेट तय करेगी। उसके बाद टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।