फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने बाली को दी नसीहत, 'खुद को सुधारें बाली'

Fri, 05 Aug 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली को खुद को सुधारने की नसीहत दी। सीएम ने मजाकिया लहजे में कहा कि जीएस बाली महाबली हैं। वे अपनी किस्म के आदमी हैं। उनके कांग्रेस पार्टी और पार्टी नेतृत्व पर निष्ठा के मामले में कोई शक-शुबहा पैदा नहीं होता।
विज्ञापन


जिस तरह की आलोचना हो रही है, उसका बाली को एहसास होना चाहिए। वे अपने-आपको सुधारें। उन्होंने यह बात गडकरी, केजरीवाल से बाली की चर्चित मुलाकातों के बाद कही। सीएम वीरभद्र सिंह वीरवार को प्रदेश विधानसभा सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।

मुख्यमंत्री से सवाल किया गया कि भाजपा नेता बाली से गडकरी और केजरीवाल से मिलने पर उंगली उठा रहे हैं तो सीएम ने यह बातें कहीं। इससे पहले रिज मैदान पर भी मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाली केजरीवाल के साथ आएं या फिर केजरीवाल बाली के साथ आएं, यह बाली ही जानें। एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का हिमाचल आने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता।
विज्ञापन


प्रदेश में पहले ही तीन पार्टियां हैं। एक और आ जाए तो क्या होगा। देश-प्रदेश में बलात्कार की घटनाओं पर कहा कि वे यह नहीं मानते कि ऐसी घटनाएं बढ़ गई हैं। आज इनके बारे में चर्चा ज्यादा हो रही है। बलात्कार के दोषियों को उचित दंड मिलना चाहिए। एचपीसीए मामलों पर जो मूल मामले हैं, वे खड़े हैं। एचपीसीए में छोटे मामले पर ही निर्णय हुआ है।
Trending Videos
विज्ञापन

जीएसटी से हिमाचल को नहीं होगा बड़ा आर्थिक नुकसान

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जीएसटी बिल पारित होने से हिमाचल को कोई बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होगा। कहा कि इस बिल को सबसे पहले लोकसभा में कांग्रेस सरकार ही लाई थी। इसके बाद विवाद में फंसा। राष्ट्रीय स्तर पर आम राय बनने के बाद ही अब पारित हुआ है।

विधेयक मॉडरेट भी होना चाहिए। उम्मीद है कि हर राज्य के लिए टैक्स का बंटवारा ठीक से होगा। जैसे-जैसे विकास होगा, संसाधन भी बढ़ेंगे। वे नहीं समझते कि हिमाचल को इसका आर्थिक रूप से नुकसान होगा।  

नेताओं के लिए आयु सीमा तय करने के पक्षधर नहीं सीएम
भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए 75 साल की आयु सीमा रखने के मामले पर सीएम वीरभद्र बोले- यह किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य, योग्यता और जनता में उसकी स्वीकार्यता पर निर्भर करता है कि किसी नेता को प्रमुख पद पर बना रहना चाहिए कि नहीं। वे आयु सीमा तय करने के पक्षधर नहीं हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें