अपने प्रदेश से बाहर जाकर 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी करने पर हर ग्राहक को सामान बेचने वाले दुकानदार को अपना आधार नंबर बताना होगा। ग्राहक किसी भी राज्य में जाकर खरीदारी करे, उसके सामान पर लगने वाला टैक्स अपने आप ग्राहक के मूल राज्य को मिल जाएगा।
हिमाचल सरकार ने अपने जैसे उपभोक्ता प्रधान राज्यों के हित को ध्यान में रखते हुए जीएसटी लागू करने वाली कमेटी को यह सिफारिश की है। टैक्स और सामान के दामों में अंतर के चलते हिमाचल के बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ तथा हरियाणा से सामान खरीदकर लाते हैं।
वर्तमान में अगर वे सामान की बिक्री हिमाचल में करते हैं तो टैक्स मिल जाता है, लेकिन घरेलू इस्तेमाल का सामान लाने पर वे टैक्स उस राज्य को मिल जाता है। जीएसटी लागू होने पर भी अगर यही व्यवस्था रहती है तो हिमाचल जैसे कंज्यूमर स्टेट को नुकसान उठाना पड़ सकता है।