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सरकार के कड़े आदेश, भंग होंगी पैसा खर्च न करने वाली पंचायतें

Fri, 03 Feb 2017 10:18 AM IST
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में विकास कार्यों के लिए जारी पैसा तय समय अवधि में खर्च न करने वाली पंचायतों को भंग किया जा सकता है। बजट के बावजूद काम पूरा न होने पर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
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सभी पंचायत प्रतिनिधियों को कड़े आदेश दिए गए हैं कि 14 वें वित्तायोग के तहत तीसरी किस्त का पैसा भी जारी कर दिया गया है। सरकार ने पैसा खर्च करने की समयावधि एक साल निर्धारित की गई है।

पंचायतों में विकास कार्य न होने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति विभाग को शिकायत कर सकता है। विभाग छानबीन के बाद प्रदेश सरकार को रिपोर्ट देगा और उसके बाद पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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बता दें कि पंचायती राज विभाग के पास कई पंचायतों की शिकायतें आईं हैं जिन्होंने तय समय पर बजट खर्च नहीं किया है। 14वें वित्तायोग के तहत हिमाचल को पांच सालों में केंद्र से 1809.80 करोड़ की ग्रांट मिलेगी। अब तक पंचायतों को 433 करोड़ की राशि जारी हो चुकी है।

19 सितंबर 2015 को पहली किस्त के रूप में 97.95 करोड़ रुपये जारी हुए थे। 14 जनवरी 2016 को दूसरी किस्त के रूप में 97.69 करोड़ मिले। अब 135.28 करोड़ की तीसरी किस्त भी जारी हो गई है।
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इन कार्यों के लिए जारी हुआ है पैसा

केंद्र सरकार 14वें वित्तायोग के तहत 18 विकास कार्यों के लिए पैसा जारी करती है। यह पैसा सड़कों, पुलों, शमशानघाट, पैदल मार्ग, स्ट्रीट लाइटों, नालियों का निर्माण, सार्वजनिक शौचालय, सामुदायिक केंद्रों आदि के निर्माण पर खर्च किया जाता है।

पंचायतों को ग्राम सभाओं में विकास कार्यों की शेल्फ डालनी होती है। उसके बाद यह मामला जिला वित्त कमेटी को जाता है। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद पंचायतों को पैसा रिलीज किया जाता है।

विकास कार्यों पर पैसा खर्च न करने वाली पंचायतों को भंग किया जा सकता है। एक्ट में इस तरह का प्रावधान किया गया है। हर कार्य को करने की समय अवधि निर्धारित की गई है। - केवल शर्मा, संयुक्त निदेशक पंचायती राज विभाग 
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