दिल्ली के इंडिया गेट से मुंबई स्थित द गेट-वे ऑफ इंडिया तक 1480 किलोमीटर दौड़ने के बाद अब सिरमौर का सुनील शर्मा द ग्रेट सिरमौर रन के लिए दौड़ेगा। इस बार द ग्रेट इंडिया रन की तरह सिर्फ दौड़ पूरी करना उनका मकसद नहीं है। इस बार चुनौती है दो लोगों की जान बचाना। जिसके लिए 15 से 20 लाख रुपये की जरूरत है।
इतनी बड़ी धनराशि जुटाना सुनील के लिए आसान काम नहीं है। इसके लिए सुनील सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में दौड़कर दोनों लोगों की जान बचाने के लिए चैरिटी के माध्यम से धन जुटाएंगे। इतनी बड़ी धनराशि एकत्रित हो जाती है तो जिला सिरमौर के तालों से संबंध रखने वाले धनबीर व जिला ऊना से संबंध रखने वाली डिंपल की जान बचाई जा सकती है। दोनों की किडनियां खराब हो चुकी हैं।
द ग्रेट सिरमौर रन के तहत सुनील 18 फरवरी को नाहन से पांवटा वाया रेणुका, सतौन, राजबन होते हुए दौड़ेगा। अगले दिन 19 फरवरी को पांवटा से धौलाकुआं व कोलर होते हुए नाहन में यह दौड़ संपन्न होगी। हालांकि यह सफर 150 किलोमीटर के करीब है, लेकिन इस सफर में दौड़ पूरी करना चुनौती नहीं है।
नाहन में वीरवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए धावक सुनील शर्मा ने कहा कि यदि इस चैरिटी से दोनों लोगों की जान बचा पाए तो उनके लिए यह कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल से भी बड़ी बात होगी। इस दौरान ऊना जिला से संबंध रखने वाले संजय सिंह व नाहन के तालों निवासी जगदीश सिंह भी उपस्थित थे। सुनील शर्मा ने बताया कि दोनों पेशेंट का सप्ताह में दो बार डायलसिस होता है।
इसमें अब तक काफी पैसा खर्च हो चुका है। उन्होंने सिरमौर की जनता व कारोबारियों से आह्वान किया कि वह दोनों के इलाज के लिए दिल खोलकर दान करें। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में यह सारा पैसा जमा होगा। जमा राशि का 10 फीसदी हिस्सा रेडक्रॉस को जाएगा ताकि दूसरे लोगों की भी मदद की जा सके। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह भी इस रन का हिस्सा बनें।
संजय और जगदीश का दर्द भरी दास्तां
संजय सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ब्लड के सैंपल मैच न होने से 2011 में उनकी पत्नी डिंपल की दोनों किडनियां डैमेज हो गईं। पत्नी की जान बचाने के लिए उन्होंने अपना घर व दुकान भी गिरवी रख दिया।
वहीं तालों निवासी बुजुर्ग जगदीश सिंह ने भी अपनी दर्द भरी दास्तां मीडिया के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से उनका बेटा धनबीर बीमार है। धनबीर की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं। कृषि के सहारे इलाज के लिए इतनी बड़ी धनराशि जुटाना काफी मुश्किल है।
इससे पहले भी दौड़ चुके हैं सुनील
इससे पहले 19 जुलाई को हुई अल्ट्रा मैराथन द ग्रेट इंडिया रन में सुनील 1480 किलोमीटर दौड़े। जबकि इससे पूर्व सुनील शर्मा 22 मार्च 2015 को चंडीगढ़ 127 किलोमीटर लंबी दौड़ लगाकर 13 घंटे 55 मिनट में रेणुका पहुंचे थे। उसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए दौड़ लगाई। सुनील ने इस दौड़ में 250 किलोमीटर का सफर 38 घंटे 25 मिनट में तय किया था।