हिमाचल सरकार शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं है। यही कारण है कि असम राइफल्स के सूबेदार की शहादत के महीनों बाद भी सरकार ने पीड़ित परिवार की कोई मदद नहीं की है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के वित्तीय सहायता और नौकरी देने के आश्वासन को भी सैनिक कल्याण निदेशालय ने भी पूरा करने से इनकार कर दिया है। निदेशालय के इनकार और मंत्री के अधूरे वायदे के बीच अब शहीद का परिवार दो वक्त की रोटी को मोहताज होने की कगार पर है।
बिलासपुर के शाहतलाई निवासी बलदेव शर्मा असम राइफल्स में सूबेदार के पद पर तैनात थे। भारत-म्यांमार सीमा के पास मणिपुर के चंदेल जिला में साथी जवानों संग गश्त के दौरान उग्रवादियों के हमले में शहीद हो गए थे।
शहादत के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। शर्मा की पत्नी अरुणा देवी और बेटे विवेक को हरसंभव मदद की बात कही।