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युग हत्याकांड: आरोपी की मां बोलीं- मेरे ही हाथों मिलनी चाहिए मेरे बेटे को फांसी

Fri, 26 Aug 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिमला में चार साल के मासूम युग की दर्दनाक मौत से केवल आम पब्लिक ही नहीं बल्कि इस हत्याकांड के आरोपियों के घरवाले भी बेहद गुस्से में हैं। वे अपने बच्चों की इस दरिंदगी भरी हरकत से शर्मिंदा हैं। ये परिवार खुद अपने हाथों से अपने बच्चों को सजा देना चाहते हैं।
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आरोपी तेजिंद्र सिंह की मां रविंद्र कौर का कहना है कि चार साल के बच्चे की हत्या करने वालों के लिए फांसी की सजा भी कम है। मेरे बेटे को भी पानी के टैंक में डुबोकर मार देना चाहिए। मैं खुद कोर्ट से मांग करूंगी कि उसे फांसी मेरे हाथ से ही दी जाए।

तेजिंद्र पर थोड़ा भी शक मुझे पहले होता तो मैं उसे जहर देकर मार देती। तेजिंद्र के भाई मिक्की का कहना है कि हम घर पर नजरबंद हो गए हैं। हम भगवान से डरने वाले लोग हैं। इस दुख की घड़ी में हम युग के परिवार के साथ हैं। वहां जाना चाहते हैं लेकिन नहीं जा पा रहे हैं। तेजिंद्र इस मामले में शामिल है तो उसे सजा मिलनी ही चाहिए। कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करेंगे।
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दूसरे आरोपी के पिता ने कहा बेटे ने किया गुनाह

सीआईडी टीम के साथ आरोपी|(बीच में) - फोटो : अमर उजाला
चंद्र के पिता अनिल शर्मा का कहना है कि 22 अगस्त दोपहर को वह जन्माष्टमी की शोभायात्रा में थे। तभी उन्हें सीआईडी ऑफिस से फोन आया और उन्हें जल्द सीआईडी थाने बुलाया।

इसी दौरान शहर में युग का कंकाल मिलने की खबर उन्हें मिली। युग की हत्या से हम भी क्षुब्ध हैं। इस दुख की घड़ी में मैं और मेरी पत्नी भी युग के घर जाना चाहते हैं लेकिन माहौल बहुत खराब है। अपराध करने वालों को कोर्ट सजा देगा।

तीसरे आरोपी की मां बोली, उनका बेटा नहीं है आरोपी

युग के पिता - फोटो : अमर उजाला
आरोपी विक्रांत बख्शी के पिता नरेंद्र्र कुमार ने कहा - मैं ऐसा बाप नहीं जो गलत करने के बाद भी अपने बच्चे का पक्ष लूं। इस घटना में जितनी उसकी संलिप्तता है, उसके हिसाब से वह सजा भुगते। गलती तीनों ने की है लेकिन सबकी गलती बराबर नहीं है।

मेरा बेटा ऐसे मामले में शामिल पाया गया, यह बहुत दुखद है। मां का कहना है कि उनका बेटा आरोपी नहीं है। वो तो अपने काम से काम रखता था। बिना मतलब घर से बाहर भी नहीं निकलता था। बीबीए में बहुत अच्छा चल रहा था। जिसका बच्चा चला गया वो भी मां है, उस मां का दर्द मैं समझ सकती हूं। मेरे बेटे के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
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यहां पढ़िए आखिर कौन हैं ये आरोपी

आरोपी तेजिंद्र - फोटो : अमर उजाला
ये हैं आरोपी चंद्र शर्मा
राम बाजार में इनके पिता की किराना की दुकान है। कई सालों से यह परिवार द्वारका गढ़ में रहता है। चंद्र ने जमा दो कक्षा के बाद पांच साल वकालत की पढ़ाई की है। युग गुप्ता के पड़ोस में ही चंद्र शर्मा का घर है। न्यू शिमला में हुई एक चोरी के मामले में भी चंद्र शामिल रह चुका है।

तेजिंद्र पाल सिंह
राम बाजार में कॉस्मेटिक की दो दुकानें हैं। तेजिंद्र भी कभी कभार अपने परिजनों के साथ दुकान पर बैठता था। इसकी दुकान भी युग गुप्ता के घर के पास है। फिंगास्क इस्टेट में इसका घर है। न्यू शिमला में चोरी में तेजिंद्र भी शामिल था। स्थानीय लोगों के मुताबिक तेजेंद्र छोटी छोटी बात पर लड़ने लग जाता था।

विक्रांत बख्शी
विक्रांत चंडीगढ़ में बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। एक साल से चंडीगढ़ में था। शिमला में कम ही रहता था। पड़ोसियों का कहना है कि वह लोगों से कम बात करता था। प्लस टू शिमला के एक प्राइवेट स्कूल से की। कॉलेज भी जाना शुरू कर दिया था। पिता सरकारी नौकरी करते हैं।
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