हिमाचल सरकार ने बजट की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र के निर्देश के बाद प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को सूचित करने के साथ ही तैयारियों को लेकर खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। 19 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है।
ऐसे में सत्र खत्म होने के बाद ही बजट को लेकर बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने बताया कि नई और बड़ी स्कीमों में केंद्र से अपेक्षित वित्तीय सहायता के लिए संबंधित विभागों से डिमांड मांगी जाएंगी, ताकि जनवरी में केंद्र को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।
बता दें कि केंद्र सरकार अगले वित्तीय वर्ष का आम बजट मार्च की बजाय फरवरी में पेश करेगी। चूंकि, इस बजट में देशभर के प्रदेशों से मिली डिमांड को शामिल कर उसके हिसाब से तैयार किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने अभी से राज्यों के मुख्य सचिवों को अपने यहां के बजट की औपचारिकताएं पूरी कर अपने प्रदेश का बजट तैयार करने को कहा है।
26 अक्तूबर को प्रगति बैठक के दौरान केंद्र ने हिमाचल समेत सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए थे कि वे अपने प्रदेश के सालाना बजट की औपचारिकताओं को केंद्रीय बजट की तैयारी के साथ ही पूरा कर लें। साथ ही अपने प्रदेश के लिए जरूरी केंद्रीय वित्तीय सहायता के लिए सूचित कर दें, ताकि विकास कार्यों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकारों के बीच बेहतर तालमेल हो सके।
विधायक प्राथमिकता बैठक इसी महीने
सूत्रों की मानें तो वित्त और प्लानिंग विभाग इस महीने के अंत तक विधायक प्राथमिकता की बैठक कराने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश के बजट बनने से पहले विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्यों की डिमांड मांगी जाती है। इसके बाद जरूरत के हिसाब से कार्यों के लिए बजट का प्रावधान किया जाता है।