केंचुआ खाद यूनिट लगाने पर सरकार ने सब्सिडी बढ़ा दी है। अब किसानों और बागवानों को केंचुआ खाद यूनिट लगाने के लिए तीस हजार की जगह पचास हजार रुपये मिलेंगे। सब्सिडी बढ़ने से बागवानों और किसानों को अधिक लाभ होगा।
इससे जैविक खेती की ओर भी रुझान बढ़ेगा। विभाग का कहना है कि सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। किसानों और बागवानों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रसायनयुक्त खाद के प्रयोग से खाद्य सामग्री पर विपरित प्रभाव पड़ता है।
कई शोध में इसके परिणाम सामने आ चुके हैं। लोगों को सेहतमंद खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जैविक खेती की ओर किसानों और बागवानों को आकर्षित किया जा रहा है। जैविक खेती के प्रयोग से लोगों को बेहतर गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री मिलेगी।
सरकार ने इसी उद्देश्य से केंचुआ खाद यूनिट के लिए सब्सिडी बढ़ाई है। विभाग की माने तो सैकड़ों लोगों ने केंचुआ खाद यूनिट लगाई है। सब्सिडी बढ़ने से गरीब तबके के लोग भी केंचुआ खाद यूनिट लगा पाएंगे। केंचुआ खाद यूनिट की लंबाई तीस फीट, चौड़ाई आठ फीट और ऊंचाई ढाई फीट होनी चाहिए। इस आकार की यूनिट के लिए बागवानी विभाग बागवानों और किसानों को राशि प्रदान करेगा।
बढ़ाई गई सब्सिडी
केंचुआ खाद यूनिट के लिए लोगों को अब पचास हजार रुपये मिलेंगे। पहले तीस हजार रुपये दिए जाते थे। योजना की राशि में बढ़ोतरी हुई है। जैविक खेती की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।-प्रदीप सांख्यान, जिला उपनिदेशक बागवानी विभाग