हिमाचल के कॉलेजों में अब पेरेंट्स टीचर एसोसिएशन (पीटीए) में शिक्षकों का होना जरूरी नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने पीटीए में शिक्षकों की अनिवार्यता की शर्त हटा दी है। उनकी जगह अब कॉलेज के अधीक्षक या सीनियर असिस्टेंट शामिल होंगे।
अभी तक कॉलेज पीटीए में वरिष्ठ शिक्षक को बतौर सचिव शामिल किया जाता था। अब शिक्षक के न होने पर पीटीए सचिव अधीक्षक या सीनियर असिस्टेंट में से एक हो सकता है। पीटीए के जरिये शिक्षक भर्ती पर कॉलेज शिक्षकों के विरोध के चलते सरकार ने पीटीए पॉलिसी में ये संशोधन किया है।
सरकार ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। विरोध के चलते कॉलेज शिक्षकों ने पीटीए की सदस्यता से इनकार कर दिया था। इसी विरोध के चलते कॉलेजों में पीटीए का गठन नहीं हो पा रहा था।
कॉलेज प्रबंधन शिक्षकों की भर्ती नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में सरकार ने पीटीए में कॉलेज शिक्षकों की सदस्यता की अनिवार्यता की शर्त को ही हटा दिया।
छह महीने में पांच अधिसूचनाएं
सरकार पीटीए को लेकर पिछले छह महीने में पांच अधिसूचनाएं जारी कर चुकी है। मार्च में सरकार ने कहा कि पीटीए के तहत लगे शिक्षक नहीं हटेंगे। जून में पीटीए में होने वाली भर्तियों पर नेट और सेट की शर्त लगा दी।
जून मे एक और नोटिफिकेशन जारी कर सरकार ने कहा कि नेट सेट की शर्त पुराने शिक्षकों पर लागू नहीं होगी। नए कॉलेजों में पीटीए की भर्ती को लेकर अब एसोसिएशन से शिक्षकों की अनिवार्यता ही समाप्त कर दी।