हिमाचल में रियायती राशन के आटे के कोटे में कटौती कर दी गई है। एपीएल परिवारों को अब हर महीने 18 के बजाय 14 किलो ही आटा मिलेगा। राशन वितरण में यूनिफॉरमिटी के नाम पर राज्य के लाखों लोगों को सरकार ने झटका दिया है।
एपीएल को प्रति परिवार अभी तक 18 किलो आटा मिल रहा था। अब ये कोटा चार किलो घटा दिया है। प्रदेश में एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) के करीब 12 लाख परिवार हैं।
प्रदेश सरकार डिपो के माध्यम से एपीएल परिवारों को 8.50 रुपये प्रति किलो की दर से आटा दे रही है। बाजार में इसकी कीमत दोगुने से भी ज्यादा है।
कैबिनेट में हुआ यह फैसलाः बाली
20 सितंबर 2013 को राजीव गांधी अन्न योजना लांचिंग के दौरान भी राज्य सरकार ने एपीएल के लिए 18 किलोग्राम प्रति परिवार आटा जारी रखने की बात कही थी। हालांकि, कुछ जिलों में पिछले महीने 18 किलो से कम आटा दिया गया।
लेकिन अब यूनिफॉरमिटी के नाम पर पूरे प्रदेश में ये कोटा 18 से 14 किलो कर दिया है। जुलाई में एपीएल परिवारों को डिपो में 14 किलो ही आटा मिलेगा।
राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली का कहना है कि रियायती आटे के वितरण में यूनिफॉरमिटी लाई गई है। एपीएल परिवारों को अब सभी जिलों में 14 किलो ही आटा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में इस पर फैसला हुआ है।
शिमला में जून का कोटा भी होगा लैप्स
वहीं, राजधानी शिमला के हजारों परिवारों का सस्ते आटे का कोटा लैप्स हो गया है। डिपुओं में आटा नहीं मिल रहा है। जुलाई महीना शुरू हो रहा है। ऐसे में जून का कोटा लैप्स हो जाएगा। हैरानी है कि डिपो संचालक आटा न होने का तर्क दे रहे हैं, इधर विभाग कह रहा है कि सप्लाई दी है।
सवाल है फिर आटा कहां है। कहीं कोई गोलमाल तो नहीं हुआ है। आखिर कौन हजारों परिवारों के आटे का कोटा डकार गया है ? डिपो संचालकों का कहना है कि 20 जून के बाद से आटे की सप्लाई नहीं हुई है।
राशन कार्ड धारक बाजार से महंगी दरों पर आटा खरीदने को मजबूर हैं। मंगलवार से जुलाई माह शुरू हो जाएगा। ऐसे में सोमवार को जून माह का राशन कोटा लैप्स हो जाएगा। जुलाई में पुराना कोटा नहीं मिलेगा।
आखिर कौन डकार गया आटे की सप्लाई?
विभाग की इस कार्यप्रणाली से उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। मिडिल बाजार के यशपाल ने बताया है कि 25 जून से डिपो में रोजाना जा रहे हैं लेकिन आटे की सप्लाई नहीं मिल रही। डिपो संचालक ने बताया है कि गोदाम से सामान नहीं आ रहा है।
फिर जून का कोटा नहीं मिलेगा। विभाग की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। छोटा शिमला के पवन ठाकुर, केएल शर्मा, खलीणी के राजकुमार, अजीत ठाकुर ने सरकार से मांग करते हुए जून के कोटे से छूट चुके लोगों को जुलाई में अतिरिक्त कोटा देने की मांग की है।
उधर, खाद्य एवं आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के जिला नियंत्रक रमेश गंगोत्रा ने कहा है कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। संचालक अगर राशन नहीं दे रहे हैं तो विभाग के शिमला दफ्तर में फोन नंबर 2657022 पर फोन कर लोग शिकायत कर सकते हैं।