राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को विभिन्न विभागों में 2000 पदों को भरने की स्वीकृति मिल सकती है। सर्वाधिक शिक्षा विभाग में 1500 के करीब पद भरने का प्रस्ताव है। शिक्षा विभाग ने टीजीटी के एक हजार और पीजीटी के 500 पद भरने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है।
इसके अलावा कंप्यूटर शिक्षकों के लिए पॉलिसी, होमगार्ड के वेतन में बढ़ोतरी और वन विभाग में अटकी 465 वन रक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम में संशोधन को मंजूरी भी दी जा सकती है।
हिमाचल में राडार प्रणाली लागू करने पर भी चर्चा हो सकती है। बुधवार सुबह दस बजे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में कैबिनेट की बैठक होगी।
शिक्षकों की भर्ती पर भी आएगा फैसला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बजट भाषण में टीजीटी और पीजीटी के पद भरने की घोषणा की थी। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी चल रही है। अपग्रेड और नए खोले गए स्कूलों में भी शिक्षकों की जरूरत है।
मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक होने चाहिए। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय ने बीते दिनों शिक्षा विभाग से रिक्त पदों वाले स्कूलों का ब्योरा तलब किया था। रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार ने टीजीटी के एक हजार औैर पीजीटी के करीब 500 पद भरने का फैसला लिया है।
23 जून को मुख्यमंत्री का जन्मदिवस है। हिमाचल में करीब डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग में टीजीटी, पीजीटी भर्ती को लेकर सरकार बड़ी घोषणा कर सकती है।
स्किल यूनिवर्सिटी को कैबिनेट दे सकती है हरी झंडी
कैबिनेट बैठक में उत्तर भारत की पहली स्किल यूनिवर्सिटी को हिमाचल में खोलने की मंजूरी मिल सकती है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को रोजगार उन्मुक्त बनाने के लिए कई वोकेशनल कोर्सेज करवाए जाएंगे।
यह विश्वविद्यालय प्राइवेट स्टेट यूनिवर्सिटी की तर्ज पर खुलेगा। वर्तमान में ओडिशा, कर्नाटक, केरल में स्किल यूनिवर्सिटी चल रही हैं। इसी तर्ज पर अब हिमाचल में भी जल्द ही युवाओं को स्किल यूनिवर्सिटी की सौगात मिल सकती है।
इस विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को तीन साल की डिग्री करने का मौका मिलेगा। हिमाचल कौशल विकास निगम के प्रस्ताव पर इस यूनिवर्सिटी को पीपीपी मोड में खोला जा सकता है। यूनिवर्सिटी के खुलने से वोकेशनल सेकेंडरी स्कूलों और आईटीआई के विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा।
सीएम ने दिया आश्वासन, कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बनेगी नीति
राजकीय अध्यापक संघ की अगुवाई में मंगलवार को प्रदेश के कंप्यूटर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सचिवालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाने की मांग की।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि सीएम ने दो दिनों के भीतर कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति दस्तावेज बनाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले में फौरन कार्रवाई के आदेश भी दिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे कंप्यूटर शिक्षकों गगन ठाकुर, नरेंद्र, भीष्मा और जगदीश वर्मा ने नीति बनाने का फैसला लेने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार टीजी नेगी और अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा से भी मुलाकात कर मांगों से अवगत करवाया।