प्रदेश सरकार ने नगर निगम से मैट्रोपोल पार्किंग का पूरा रिकॉर्ड 24 घंटे के भीतर तलब कर दिया है।
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प्रदेश सरकार ने नगर निगम से मैट्रोपोल पार्किंग का पूरा रिकॉर्ड 24 घंटे के भीतर तलब कर दिया है। इससे एमसी अफसरों के हाथ पांव फूल गए हैं। कायदे कानूनों को ताक पर रख कर हो रहे मैट्रोपोल पार्किंग के संचालन को लेकर ‘अमर उजाला’ में छपी खबरों पर सचिव शहरी विकास ने कड़ा संज्ञान लिया है।
नगर निगम आयुक्त को शुक्रवार को सचिव शहरी विकास के समक्ष मैट्रोपोल पार्किंग से संबंधित रिकार्ड पेश करना होगा। सरकार ने नगर निगम को पार्किंगों का संचालन निर्धारित बायलॉज और ऐग्रीमेंट की शर्तों के आधार पर करने के लिए भी चेताया है।
नगर निगम की पार्किंगों में हो रही लूट खसोट का सच सामने लाने के लिए ‘अमर उजाला’ ने ‘यह कैसा अतिथि देवो भव:’ अभियान चलाया। पार्किंग में हो रही लूट खसोट को लेकर इस सप्ताह सोमवार से लगातार खबरें प्रकाशित की गईं।
बुधवार को शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को मामले से अवगत करवाया जिसके बाद मंत्री ने मामले पर तुरंत कार्रवाई की बात कही। वीरवार को सचिव शहरी विकास ने नगर निगम को मैट्रोपोल पार्किंग का रिकार्ड पेश करने के आदेश जारी कर दिए।
बड़ी रेट लिस्ट लगाने से क्यों हिचक रहा नगर निगम
पार्किंग संचालक रेट लिस्ट से छेड़छाड़ कर स्थानीय लोगों और सैलानियों को जमकर चूना लगा रहे हैं।
मैट्रोपोल के सामने नगर निगम तीन मंजिला पार्किंग का संचालन कर रहा है। पार्किंग संचालक रेट लिस्ट से छेड़छाड़ कर स्थानीय लोगों और सैलानियों को जमकर चूना लगा रहे हैं। तीनों पार्किंग फ्लोर की एंट्रेंस पर अगर दिल्ली और चंडीगढ़ की पार्किंगों की तर्ज पर बड़ी रेट लिस्ट लगाई जाए तो ठेकेदार इनसे छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे।
गाड़ी पार्क करने आने वाले लोगों को आसानी से पार्किंग रेट का भी पता चल जाएगा। लेकिन नगर निगम ऐसा करने से हिचक रहा है। लोगों को गुमराह करने के लिए ठेकेदार पार्किंगों के बाहर बस नाम की ही रेट लिस्ट लगा रहे हैं।
नगर निगम से तलब किया गया है रिकार्ड
अमर उजाला की खबरों पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम से पार्किंगों संबंधी रिकार्ड मांगा गया है। शुक्रवार को निगम आयुक्त रिकार्ड पेश करेंगे। इसके बाद नगर निगम को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।- मनीषा नंदा, सचिव, शहरी विकास, हिमाचल प्रदेश सरकार
चार दिन बाद भी कुंभकर्णीं नींद सोया है एमसी
खबरें प्रकाशित होने के चार दिन बाद भी नगर निगम ने मैट्रोपोल पार्किंग में व्यवस्थाओं की सुध नहीं ली है।
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खबरें प्रकाशित होने के चार दिन बाद भी नगर निगम ने मैट्रोपोल पार्किंग में व्यवस्थाओं की सुध नहीं ली है। पार्किंगों में रेट लिस्ट के साथ की जा रही छेड़छाड़ बदस्तूर जारी है। वीरवार को मैट्रोपाल पार्किंग के टॉप फ्लोर और पांचवें फ्लोर पर रेट लिस्ट के सामने पूरे दिन गाड़ियां खड़ी रही। गाड़ियों के कारण लोगों की नजर रेट लिस्ट पर नहीं पड़ी और मनमानी वसूली चलती रही। रेट लिस्ट पर शिकायत नंबर तक अंकित नहीं है बावजूद इसके नगर निगम ने पार्किंग संचालकों को लूट की खुली छूट दे रखी है।
‘अमर उजाला’ ने खबर के साथ प्रकाशित की थीं फर्जी रसीदें
मैट्रोपोल पार्किंग में अवैध रूप से चलाई जा रही फर्जी रसीदें अमर उजाला ने 23 मई के अंक में खबर के साथ प्रकाशित की थी। अमर उजाला की टीम के सामने पार्किंग संचालक ने फर्जी रसीद फाड़ने का भी खबर में हवाला दिया गया था। बावजूद इसके नगर नगर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पौना करोड़ कमाई पर पार्किंग को कंप्यूटराइज नहीं कर पा रहा एमसी
स्थानीय लोगों और सैलानियों को पार्किंगों में लूट खसोट से बचाने के लिए नगर निगम ने मैट्रोपोल पार्किंग को कंप्यूटराइज करने का ऐलान किया था। नगर निगम तीन मंजिला पार्किंग से सालाना करीब पौना करोड़ कमाई करता है बावजूद इसके सालों बाद भी पार्किंग कंप्यूटराइज नहीं हो पाई है।